बांग्लादेश में पिछले साल जुलाई में हुए विद्रोह के प्रमुख चेहरों में शामिल और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी का गुरुवार रात निधन हो गया। वह सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान जिंदगी की जंग हार गए। बीते सप्ताह अज्ञात हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी थी, जिसके बाद उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी।
हादी के निधन की पुष्टि करते हुए देश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने राष्ट्र के नाम संबोधन में गहरा दुख जताया। उन्होंने हादी को जुलाई विद्रोह का साहसी अग्रिम पंक्ति का योद्धा बताया और भरोसा दिलाया कि उनके हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। यूनुस ने एक दिन के राजकीय शोक का भी ऐलान किया।
हादी की मौत की खबर सामने आते ही ढाका समेत कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण हो गए। शाहबाग में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और यातायात जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर लापरवाही के आरोप लगाए।
इस बीच जातीय छात्र शक्ति से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षक-छात्र केंद्र से अलग जुलूस निकाला, जो विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरा। हालात और बिगड़ते हुए राजशाही तक पहुंच गए, जहां राजशाही विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान शहर के केंद्र में स्थित प्रतिबंधित अवामी लीग के एक पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।
हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव गहराता नजर आ रहा है और कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।








