राजधानी दिल्ली में प्रदूषण अपने खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है और इसी वजह से सरकार ने GRAP-4 जैसे सख्त प्रतिबंध लागू कर रखे हैं। इसके बावजूद दक्षिणी दिल्ली में DDA की करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर खुलेआम नियमों की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। आरोप है कि भू-माफियाओं ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर न सिर्फ अवैध निर्माण शुरू कर दिया, बल्कि पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचाया है। बताया जा रहा है कि कब्जे की इस प्रक्रिया में करीब 50 हरे-भरे, पुराने और बड़े पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया।
किन इलाकों में हो रहा है अवैध कब्जा
मामला दक्षिणी दिल्ली के गांव राजपुर का है, जहाँ खसरा नंबर 68, 69 और 70, प्लॉट नंबर C No. 1617, N ब्लॉक, हरगोविंद एन्क्लेव स्थित DDA की जमीन पर अवैध गतिविधियाँ सामने आई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह जमीन पूरी तरह सरकारी है, बावजूद इसके भू-माफियाओं ने इस पर कब्जा कर लिया है।
50 से अधिक पुराने पेड़ों की अवैध कटाई
आरोप है कि कब्जा करने से पहले मौके से DDA का सरकारी बोर्ड हटाया गया, ताकि जमीन को निजी दिखाया जा सके। इसके बाद जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर प्लॉटिंग की गई और वहाँ अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश की जा रही है।
पर्यावरण के लिहाज से यह मामला और भी गंभीर है। बताया जा रहा है कि कब्जे की इस प्रक्रिया में करीब 50 हरे-भरे, पुराने और बड़े पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया। दिल्ली पहले ही जहरीली हवा से जूझ रही है और ऐसे में बड़े पैमाने पर पेड़ काटना हालात को और बदतर बना रहा है।
GRAP-4 के दौरान निर्माण, प्रदूषण में भारी इजाफा
दिल्ली में जब GRAP-4 लागू है और किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध है, उस समय यहाँ निर्माण सामग्री, धूल, मलबा और मशीनों के ज़रिए खुलेआम प्रदूषण फैलाया जा रहा है। यह सवाल खड़ा करता है कि जब आम नागरिकों पर सख्ती है, तो भू-माफिया को यह छूट कैसे मिल रही है।
प्रशासन और विभागों की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। DDA, पुलिस और संबंधित विभागों के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनकी अनदेखी के चलते अवैध निर्माण लगातार जारी है।
FIR और CBI जांच की मांग
इस पूरे मामले में मांग की जा रही है कि:
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए
अवैध निर्माण को सील कर ध्वस्त किया जाए
पेड़ कटाई और प्रदूषण फैलाने पर पर्यावरण कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई हो
DDA, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के दोषी और भ्रष्ट अधिकारियों की CBI जांच कराई जाए
दोषियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए
जनहित और पर्यावरण से जुड़ा गंभीर मामला
यह मामला सिर्फ जमीन कब्जे का नहीं, बल्कि जनहित, पर्यावरण संरक्षण और कानून के राज से जुड़ा हुआ है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो दिल्ली की हवा, हरियाली और सरकारी संपत्ति को अपूरणीय नुकसान हो सकता है।







