राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण ने एक बार फिर हालात गंभीर कर दिए हैं। खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए रेखा गुप्ता सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए कक्षा 5वीं तक के छात्रों के लिए स्कूलों को हाइब्रिड मोड से पूरी तरह ऑनलाइन मोड में चलाने के निर्देश जारी किए हैं।
देश के कई राज्यों में सर्दी के साथ घना कोहरा और प्रदूषण लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। कम दृश्यता और जहरीली हवा के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है, वहीं दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन की ओर से यात्रियों और आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।
दिल्ली का AQI बेहद खराब
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 427 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले रविवार को AQI 461 तक पहुंच गया था, जो दिसंबर महीने का दूसरा सबसे ऊंचा स्तर रहा। राजधानी के 27 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता गंभीर बनी हुई है।
प्रदूषण पर सियासी प्रतिक्रिया
दिल्ली के प्रदूषण को लेकर समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बीते 20 वर्षों से केवल बातें हो रही हैं, ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ।
वहीं, पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि प्रदूषण के कारण सबसे ज्यादा आम और मध्यम वर्ग प्रभावित हो रहा है, लेकिन नीति निर्धारकों को इसकी कोई चिंता नहीं है। सड़कों पर काम करने वाले बच्चे तक अस्थमा जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
फिलहाल राजधानी में हालात चिंताजनक बने हुए हैं और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।








