गुजरात के राजकोट जिले के अटकोट में 4 दिसंबर को निर्भया मामले जैसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।
* पीड़िता: लगभग छह साल आठ महीने की एक बच्ची, जो दाहोद जिले के एक मजदूर परिवार से है।
* घटना: बच्ची पास के खेत में खेल रही थी, तभी एक अनजान आदमी उसे अगवा करके ले गया।
* जघन्य अपराध: आरोपी ने बच्ची के साथ रेप करने की कोशिश की। जब बच्ची चिल्लाने लगी और वह नाकाम रहा, तो उसने बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स में एक नुकीली रॉड जैसा हथियार डाल दिया।
* परिणाम: आरोपी बच्ची को खून बहता हुआ छोड़कर भाग गया। परिवार को वह खून से लथपथ मिली, जिसके बाद उसे तुरंत राजकोट के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
🚨 पुलिस कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
राजकोट ग्रामीण एसपी विजय सिंह गुर्जर के अनुसार, पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगभग 10 टीमें बनाईं।
* जाँच: पुलिस ने लगभग 100 संदिग्धों से पूछताछ की।
* पहचान: एक चाइल्ड स्पेशलिस्ट की मदद से लगभग 10 संदिग्धों को बच्ची के सामने पेश किया गया। बच्ची ने मुख्य आरोपी, 30 वर्षीय रामसिंह टेरसिंग को पहचान लिया।
* गिरफ्तारी: आरोपी रामसिंह टेरसिंग मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है और अटकोट में राजमिस्त्री का काम करता है। उसे घटना स्थल के पास के एक खेत से गिरफ्तार किया गया।
निर्भया मामला क्या था?
यह घटना 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया गैंगरेप मामले की याद दिलाती है, जहाँ छह लोगों ने निर्भया के साथ गैंगरेप किया था और उसके प्राइवेट पार्ट्स में एक लोहे की रॉड डाल दी थी। इलाज के दौरान 29 दिसंबर को सिंगापुर में उसकी मौत हो गई थी।








