JVTS Garden, Chhattarpur में GRAP–III लागू होने के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण और गंभीर प्रदूषण

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दिल्ली में GRAP चरण–III/IV लागू होने के बावजूद दक्षिण दिल्ली के JVTS Garden, Chhattarpur क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण व प्रदूषण की घटनाएँ जारी हैं। डीज़ल-चलित मशीनों से निकलने वाले काले धुएँ और तेज़ शोर ने कॉलोनी में गंभीर वायु और ध्वनि प्रदूषण फैला दिया है। स्थानीय निवासियों द्वारा की गई शिकायतों के बावजूद कोई भी कार्रवाई न होना अधिकारियों की मिलीभगत पर सवाल खड़ा करता है।

GRAP लागू होने के बावजूद जारी अवैध निर्माण

डीज़ल मशीनों का लगातार उपयोग

स्थानीय निवासियों के अनुसार कई बिल्डर GRAP-III/IV के पूर्ण निर्माण-प्रतिबंध आदेशों का उल्लंघन करते हुए:

डीज़ल से चलने वाली शटरिंग/स्लैब-कास्टिंग मशीनें

रातभर चलता भारी निर्माण कार्य

घना काला धुआँ और असहनीय शोर

का उपयोग कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में AQI “Severe” श्रेणी में पहुँच रहा है।

अवैध निर्माणों के प्रमुख स्थान (JVTS Garden, Chhattarpur)

सक्रिय निर्माण साइटें

C-106, Himalaya Lok

C-614, Himalaya Lok

Mother Dairy के सामने, JVTS Garden

B-202/3, Birla (Agarwal Sweets के पास)

A-92, Suman Chowk, Main Market Road

Builder Naresh Tanwar — A-1, C-78, JVTS Garden

Mother Dairy के सामने दूसरा अवैध निर्माण स्थल

इन सभी स्थानों पर GRAP, DPCC, NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की सीधे अवहेलना की जा रही है।

प्रदूषण और उपद्रव की स्थिति

1. वायु प्रदूषण

डीज़ल मशीनों से लगातार निकलता विषैला काला धुआँ

कॉलोनी में सांस लेने लायक वातावरण का अभाव

पर्यावरण और वायु गुणवत्ता से जुड़े केंद्रीय व राज्य कानूनों का उल्लंघन

2. ध्वनि प्रदूषण

देर रात तक मशीनों का अत्यधिक शोर

वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम

Noise Pollution Rules, 2000 का उल्लंघन

3. ‘Work Stop’ आदेशों का खुला उल्लंघन

SDM साकेत द्वारा जारी कार्य-निषेध आदेशों के बावजूद कई प्लॉटों पर निर्माण निर्बाध जारी है।

निवासियों का आरोप है कि:

थाना महरौली पुलिस ने PCR 112 पर शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की।

MCD अधिकारी लगातार निर्माण देखकर भी चुप्पी साधे हुए हैं।

बिल्डरों को कथित पुलिस और स्थानीय प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है।

यह सब एक संगठित अवैध निर्माण रैकेट की ओर संकेत करता है।

अवैध व्यावसायिक रूपांतरण

JVTS Garden की आवासीय सड़कों पर तेजी से हो रहा है:

4 फीट तक के अवैध छज्जे

सरकारी सड़क पर बनाई गई अवैध सीढ़ियाँ

अनधिकृत व्यावसायिक दुकानें

इससे कॉलोनी का स्वरूप पूरी तरह एक अवैध वाणिज्यिक बाजार जैसा बन चुका है।

उल्लंघन किए जा रहे प्रमुख कानून

Environmental Protection Act, 1986

Air (Prevention & Control of Pollution) Act, 1981

Noise Pollution (Regulation & Control) Rules, 2000

Delhi Municipal Corporation Act Sections 331, 333

NGT और Supreme Court के निर्माण-प्रतिबंध आदेश

GRAP Phase–III/IV दिशानिर्देश

निवासियों की मुख्य मांगें
1. सभी अवैध निर्माणों को तत्काल रोका जाए
2. डीजल मशीनों को जब्त कर बिल्डरों पर FIR दर्ज की जाए
3. संबंधित अधिकारियों (MCD, SDM, Police) पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई
4. अवैध दुकानों/ढाँचों को सील व ध्वस्त किया जाए
5. GRAP, NGT और Supreme Court के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए

JVTS Garden में हो रहा यह अवैध निर्माण व प्रदूषण न सिर्फ कानून का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि हजारों निवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

निवासियों ने सभी उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर कार्रवाई करने की मांग की है ताकि कॉलोनी को सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त माहौल वापस मिल सके।

 

 

Kinni Times
Author: Kinni Times

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