GRAP-III के बावजूद JVTS Garden में धड़ल्ले से अवैध निर्माण, डीजल मशीनों से जहरीला धुआं—स्थानीय पुलिस और अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप

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दक्षिण दिल्ली के छतरपुर स्थित JVTS Garden क्षेत्र में GRAP-III के लागू होने के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण जारी है। कई बिल्डरों द्वारा रातभर डीजल से चलने वाली भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे इलाके में गंभीर वायु और ध्वनि प्रदूषण फैल रहा है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि थाना महरौली पुलिस और संबंधित अधिकारी इन गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं कर रहे, बल्कि “मिलीभगत” के चलते अवैध निर्माण को खुली छूट मिली हुई है।

PCR 112 पर शिकायत, लेकिन कार्रवाई शून्य

19 नवंबर 2025 को क्षेत्रवासियों ने PCR 112 पर प्रदूषण और अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई। इसके बावजूद न तो पुलिस मौके पर पहुँची और न ही किसी तरह की कार्रवाई की गई।

निवासियों का कहना है कि GRAP-III और GRAP-IV के तहत निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है, पर बिल्डरों को किसी का डर नहीं है।

कौन-कौन से प्लॉटों पर अवैध निर्माण जारी?

शिकायत के अनुसार JVTS Garden के कई स्थानों पर निर्माण तेजी से चल रहा है—

C-106, Himalaya Lok

C-614, Himalaya Lok

Mother Dairy के सामने

B-202/3, Birla (Agarwal Sweets के पास)

A-92, Suman Chowk, Main Market Road

A-1, C-78, JVTS Garden

Mother Dairy के सामने एक अन्य निर्माण स्थल

इन सभी जगहों पर भारी डीजल मशीनें, शटरिंग और स्लैब-कास्टिंग का कार्य लगातार जारी बताया गया है।

गंभीर वायु और ध्वनि प्रदूषण

रातभर चलने वाली डीजल मशीनें कॉलोनी में—

घना काला धुआँ,

खतरनाक स्तर का शोर,

और सार्वजनिक उपद्रव

फैला रही हैं। निवासियों के अनुसार AQI लगातार गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है। यह पूर्ण रूप से Supreme Court, NGT और DPCC के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।

वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और मरीजों की सेहत पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

SDM के Work-Stop आदेशों की धज्जियाँ

कई प्लॉटों पर पहले से Work Stop Order जारी हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा। इससे प्रशासनिक उदासीनता और भी स्पष्ट होती है।

स्थानीय पुलिस और अधिकारियों पर गंभीर आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि—

थाना महरौली पुलिस

MCD अधिकारी

SDM कार्यालय

अवैध निर्माण और प्रदूषण को रोकने की बजाय कथित रूप से बिल्डरों को संरक्षण दे रहे हैं। यह एक संगठित अवैध निर्माण रैकेट का संकेत देता है।

कानूनों का खुला उल्लंघन

अवैध निर्माण व प्रदूषण में शामिल लोग निम्न कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं—

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986

वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981

Noise Pollution Rules 2000

Delhi Municipal Corporation Act

NGT और Supreme Court के निर्माण प्रतिबंध आदेश

GRAP Phase III/IV दिशानिर्देश

अधिकारियों से की गई प्रमुख मांगें

शिकायत में उच्च अधिकारियों से मांग की गई है कि—

  • 1. सभी अवैध निर्माण को फ तुरंत रोका जाए
  • 2. डीजल स्लैब-कास्टिंग मशीनों को जब्त किया जाए
  • 3. बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए
  • 4. संबंधित MCD, SDM व पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई व निलंबन किया जाए
  • 5. अवैध दुकानों, छज्जों और सीढ़ियों को सील/ध्वस्त किया जाए
  • 6. GRAP और NGT के आदेशों का कड़ाई से पालन करवाया जाए

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

लगातार बढ़ रहे प्रदूषण और अधिकारियों की अनदेखी को लेकर निवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो कॉलोनी में रहना मुश्किल हो जाएगा।

 

Kinni Times
Author: Kinni Times

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