बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग के बाद अब सबसे अहम दिन आ गया है। आज मतगणना के साथ यह तय हो जाएगा कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी। बिहार की 243 सीटों में से बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं।
NDA की स्थिति और सीटों का ब्योरा
इस चुनाव में एनडीए ने पूरी ताकत से मैदान में उतरते हुए सीटों का बंटवारा इस तरह किया है—
बीजेपी: 101 सीटें
जदयू: 101 सीटें
एलजेपी (रामविलास): 29 सीटें
आरएलएम: 6 सीटें
हम: 6 सीटें
एनडीए नेताओं का दावा है कि इस बार उनका गठबंधन 200 से ज़्यादा सीटें जीतकर भारी बहुमत से सत्ता में लौटेगा।
महागठबंधन का समीकरण
महागठबंधन ने भी पूरे दमख़म से मुकाबला किया है। सीटों का वितरण इस प्रकार है—
आरजेडी: 143 सीटें
कांग्रेस: 61 सीटें
वामदल: 30 सीटें
वीआईपी: 9 सीटें
कुछ सीटों पर महागठबंधन के भीतर “फ्रेंडली फाइट” भी है, जिनमें चैनपुर, करगहर, नरकटियागंज, सिकंदरा, कहलगांव और सुल्तानगंज जैसी सीटें शामिल हैं।
हाई-प्रोफाइल सीटों पर देशभर की नजर
इस चुनाव में कई उम्मीदवार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं—
महुआ: तेजप्रताप यादव
अलीनगर: मैथिली ठाकुर
मोकामा: अनंत सिंह
छपरा: खेसारी लाल यादव
राघोपुर: तेजस्वी यादव
तारापुर: सम्राट चौधरी
लखीसराय: विजय सिन्हा
जनसुराज पार्टी (PK): प्रशांत किशोर के प्रदर्शन पर भी खास नजर
गिनती शुरू होते ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज होने की उम्मीद है और शुरुआती रुझान से लेकर अंतिम नतीजों तक सभी दलों की धड़कनें तेज रहेंगी।








