नई दिल्ली। आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और रेबीज के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होगी। शीर्ष अदालत ने बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
यह आदेश तब जारी हुआ था जब 27 अक्टूबर की सुनवाई में कई राज्यों ने अदालत के निर्देशों के अनुसार अनुपालन हलफनामा (कंप्लायंस एफिडेविट) दाखिल नहीं किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को सभी राज्यों को पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) नियमों के तहत उठाए गए कदमों की जानकारी शपथपत्र के रूप में देने को कहा था।
आज की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ के सामने होगी। इससे पहले, 31 अक्टूबर को कुछ राज्यों ने मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत पेशी से राहत देने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अधिकारियों के मन में कोर्ट के आदेशों के प्रति पर्याप्त सम्मान नहीं दिखा। इसलिए सभी को हाजिर होना पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला उस समय स्वत: संज्ञान में लिया था जब मीडिया रिपोर्टों में आवारा कुत्तों के हमलों से बच्चों में रेबीज फैलने की घटनाएं सामने आई थीं। अदालत अब यह देख रही है कि राज्यों ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं।
मुख्य बिंदु:
सुप्रीम कोर्ट में आज आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई
बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब
कोर्ट ने रेबीज के मामलों पर स्वत: संज्ञान लिया था
पशु जन्म नियंत्रण नियमों के पालन पर राज्यों से जवाब तलब








