ओडिशा में संभावित चक्रवात और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण ओडिशा में भारी वर्षा की संभावना के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि तटीय जिलों को ऑरेंज अलर्ट और कुछ इलाकों को येलो वार्निंग पर रखा गया है।
मंत्री पुजारी ने बताया कि प्रशासन को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। बंगाल की खाड़ी में दो निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है, जिससे अगले कुछ दिनों में मौसम बिगड़ सकता है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि अभी चक्रवात का सीधा खतरा नहीं है, लेकिन भारी वर्षा जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।
इस बीच, भुवनेश्वर मौसम केंद्र की निदेशक मनोरमा महांती ने जानकारी दी कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव अब मजबूत लघुचाप में तब्दील हो गया है। यह धीरे-धीरे डिप्रेशन में बदलकर उत्तर तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र तट की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, इसका प्रत्यक्ष प्रभाव ओडिशा पर नहीं पड़ेगा।
महांती ने बताया कि अगले पांच दिनों तक बिजली-गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। विशेषकर मलकानगिरी, कोरापुट, रायगड़ा, गजपति, कंधमाल, गंजाम, बौद्ध, नयागढ़, खुर्दा, पुरी, कटक, जगतसिंहपुर और केन्द्रापड़ा जिलों में इसका असर अधिक रहेगा।
विभाग के अनुसार, कल से तटीय और दक्षिण आंतरिक जिलों में बारिश का दौर शुरू होगा। प्रशासन ने सभी जिलों में राहत एवं आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रहने का आदेश दिया है। जरूरत पड़ने पर तुरंत बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या नुकसान को रोका जा सके।







