दिवाली के बाद दिल्ली की हवा जहरीली, सुबह-सुबह धुंध की चादर में लिपटी राजधानी

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दिवाली के बाद मंगलवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर दमघोंटू धुंध की चपेट में आ गया। आतिशबाज़ी के चलते हवा में ज़हर घुल गया है और कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच गया। राजधानी की वायु गुणवत्ता अब ‘रेड ज़ोन’ में दर्ज की गई है, यानी सांस लेना तक मुश्किल हो गया है।

💨 पटाखों से बिगड़ा हाल, AQI पहुंचा ‘रेड ज़ोन’ में

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली की रात पटाखे फोड़ने का समय रात 8 से 10 बजे तक तय किया था, लेकिन दिल्ली में आतिशबाज़ी देर रात तक चलती रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, 38 में से 36 निगरानी केंद्रों ने प्रदूषण स्तर को ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ दर्ज किया।
इससे राजधानी की हवा में सूक्ष्म कण (PM 2.5 और PM 10) की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई।

🌁 धुंध में लिपटी दिल्ली, सांस लेना हुआ मुश्किल

सुबह के समय अक्षरधाम, इंडिया गेट और कनॉट प्लेस जैसे इलाके घने धुंध की चादर में लिपटे रहे।
GRAP-2 (Graded Response Action Plan) के तहत दिल्ली-एनसीआर में कड़े उपाय पहले से लागू हैं, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
CPCB के समीर ऐप के अनुसार, कई इलाकों में AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया — जो कि “गंभीर” स्तर को दर्शाता है।

🚨 सबसे ज़्यादा प्रदूषित इलाके (मंगलवार सुबह के आंकड़े)

1️⃣ बवाना – AQI 410
2️⃣ वजीरपुर – AQI 408
3️⃣ जहांगीरपुरी – AQI 404
4️⃣ बुरारी – AQI 399
5️⃣ चांदनी चौक – AQI 350

इन क्षेत्रों में हवा में धूल, धुआं और सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा बेहद अधिक पाई गई।

🌃 दिवाली रात का हाल

सोमवार रात 10 बजे तक ही अधिकतर मॉनिटरिंग केंद्रों ने ‘रेड ज़ोन’ का स्तर पार कर लिया था।
सबसे ज़्यादा प्रदूषण वाले इलाके थे:

द्वारका – AQI 417

अशोक विहार – AQI 404

वजीरपुर – AQI 423

आनंद विहार – AQI 404

⚠️ विशेषज्ञों की चेतावनी

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 48 घंटे राजधानी के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
ठंडी हवाओं और स्थिर मौसम के कारण प्रदूषक तत्व नीचे ही जमते जा रहे हैं, जिससे सांस की बीमारियों, खांसी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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