धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा के साथ-साथ खरीदारी करने की परंपरा बहुत पुरानी है। आमतौर पर लोग इस दिन सोना, चांदी, बर्तन या नई चीजें खरीदते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि झाड़ू खरीदने का भी इस दिन विशेष महत्व होता है। यही कारण है कि धनतेरस के दिन झाड़ू के दाम भी सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाते हैं।
हिंदू मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर झाड़ू खरीदना घर में मां लक्ष्मी का स्वागत करने के समान माना जाता है। कहा जाता है कि जिस घर में सफाई होती है, वहां लक्ष्मीजी का वास होता है, जबकि गंदगी वाले स्थान पर उनकी बहन “अलक्ष्मी” का निवास होता है, जो दरिद्रता और कष्ट लेकर आती है। इसलिए, इस दिन झाड़ू लाकर घर की सफाई करना शुभ माना जाता है।
पंडितों के अनुसार, धनतेरस के दिन लाल मूठ वाली झाड़ू खरीदनी चाहिए। इसे घर लाकर पहले भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा करनी चाहिए। झाड़ू पर सफेद धागा बांधकर उसकी भी विधिवत पूजा करें और दिवाली के बाद इसका उपयोग शुरू करें।
यह भी मान्यता है कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, आरोग्य की प्राप्ति होती है और शीतला माता की कृपा भी बनी रहती है। पुरानी झाड़ू को त्यागकर नई झाड़ू से सफाई शुरू करना समृद्धि और सौभाग्य का संकेत माना जाता है।
इसी मान्यता के कारण बाजारों में धनतेरस के दिन झाड़ू की मांग अचानक बढ़ जाती है — और यही वजह है कि 50 रुपये की झाड़ू उस दिन 80 रुपये तक बिक जाती है।




