भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हाल ही में फोन पर एक अहम बातचीत हुई है। इस बातचीत की जानकारी खुद पीएम मोदी ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के ज़रिए दी। उन्होंने बताया कि पुतिन ने उन्हें अलास्का में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई मुलाकात के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पीएम मोदी का एक्स पोस्ट: “धन्यवाद मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन”
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा:
“मेरे मित्र, राष्ट्रपति पुतिन को उनके फोन कॉल और अलास्का में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी हालिया मुलाकात के बारे में जानकारी साझा करने के लिए धन्यवाद।”
उन्होंने आगे लिखा कि भारत ने यूक्रेन विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का हमेशा समर्थन किया है और भविष्य में भी सभी सकारात्मक प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत-रूस के बीच संवाद और मजबूत होगा।
पुतिन-ट्रंप मुलाकात: वैश्विक राजनीति में हलचल
गौरतलब है कि अलास्का में व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में एक अहम शिखर वार्ता हुई थी। इस बैठक में मुख्य रूप से यूक्रेन युद्ध, रूस-अमेरिका संबंध, और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने कहा:
“अगर ट्रंप 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू ही नहीं होता।”
यह बयान वैश्विक मीडिया में काफी चर्चा का विषय बना और अब भारत को इस मुलाकात से सीधे अवगत कराया जाना, एक कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
द्विपक्षीय सहयोग पर भी हुई चर्चा
फोन कॉल के दौरान मोदी और पुतिन ने भारत और रूस के बीच “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” को और मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने आर्थिक, ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। वे भविष्य में भी निकट संपर्क में रहने के लिए सहमत हुए।
भारत का रुख: शांति और कूटनीति का समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत किसी भी प्रकार के संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है और इसके लिए संवाद और कूटनीति ही सही रास्ता है। उन्होंने साफ किया कि भारत यूक्रेन युद्ध को लेकर तटस्थ रहा है लेकिन हर उस प्रयास का समर्थन करता है जो शांति की दिशा में बढ़ता हो।




