सूडान में जारी सशस्त्र संघर्ष के बीच एक भयावह घटना सामने आई है। दक्षिण-मध्य सूडान के कोर्डोफन राज्य के Kalogi शहर में गुरुवार को एक किंडरगार्टन (छोटों का स्कूल) को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया। इस हमले में कम-से-कम 50 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 33 मासूम बच्चे शामिल थे।
आतंकित हमला और अस्पताल व बचाव दलों पर दुबारा हमला
घटना की जानकारी देने वाले Sudan Doctors’ Network ने बताया कि हमले के बाद救援 (परामेडिक) कर्मियों को बचाव के लिए बुलाया गया — लेकिन इसी दौरान उन पर भी अगला “अनपेक्षित हमला” हुआ। यह हमला न सिर्फ स्कूल, बल्कि मानवीय राहत कार्य को भी निशाना बनाता है।
Rapid Support Forces (आरएसएफ) पर आरोप — युद्ध की भयावहता फिर उजागर
डॉक्टरों और मानवाधिकार दलों ने सीधे अर्धसैनिक समूह आरएसएफ को इस कायरतापूर्ण हमले का जिम्मेदार ठहराया है। यह हमला उस संघर्ष का हिस्सा माना जा रहा है जो 2023 से सूडानी सेना और आरएसएफ के बीच जारी है। इस युद्ध की मार अब बच्चों और आम नागरिकों तक पहुंच चुकी है।
मानवाधिकार संगठनों की निंदा — बच्चों पर हमला “घोर अपराध”
UNICEF के प्रतिनिधि ने इस हमले को बच्चों के अधिकारों का घोर उल्लंघन बताया है। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत हमला बंद करने और घायल व विस्थापितों तक सुरक्षित सहायता पहुँचाने की अपील की है। “संघर्ष की कीमत बच्चों को कभी नहीं चुकानी चाहिए,” उन्होंने कहा।
चिंताजनक संदर्भ — कोर्डोफान में हालात भयावह
पिछले कुछ हफ्तों में कोर्डोफान प्रदेश में नागरिकों पर हमलों की संख्या बढ़ी है। इस हमले से पहले भी इस क्षेत्र में कई स्कूल, अस्पताल और अन्य नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया था। मानवीय सहायता, शिक्षा और सुरक्षा — सभी बुनियादी आवश्यकताएँ अब खतरे में हैं।








