लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें पुलिस और सीआरपीएफ के करीब 30 जवान भी शामिल हैं। घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया और इंटरनेट सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दीं, ताकि हालात पर काबू पाया जा सके।
इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस हिंसा के पीछे कांग्रेस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा का कहना है कि यह पूरी तरह से कांग्रेस की सुनियोजित साजिश थी, जिसका मकसद देश में बांग्लादेश, नेपाल और फिलीपींस जैसी परिस्थितियां खड़ी करना है।
भाजपा नेताओं ने यह भी दावा किया कि इस विरोध को “जेनरेशन-ज़ी” द्वारा संचालित बताने की कोशिश की गई, लेकिन जांच में सामने आया कि यह वास्तव में कांग्रेस का राजनीतिक खेल था।
लद्दाख में इस समय माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।








