उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत यूपी पुलिस ने पिछले 48 घंटों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 मुठभेड़ों को अंजाम दिया। इन कार्रवाइयों में तीन अपराधी मारे गए, जबकि 46 बदमाश घायल हुए हैं। पुलिस ने घायलों समेत कुल 61 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि प्रदेश में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति लगातार जारी रहेगी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी होती रहेगी।

प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद से पुलिस को अपराध पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी नीति के तहत साल 2017 से अप्रैल 2026 तक यूपी पुलिस ने 269 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर किया था। हालिया कार्रवाई के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 272 पहुंच गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में 11 हजार से ज्यादा अपराधी पुलिस मुठभेड़ों में घायल हुए हैं। इसके अलावा 85 हजार से अधिक अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 977 अपराधियों पर एनएसए लगाया गया। पुलिस ने अपराधियों की 14,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति भी जब्त की है।
यूपी पुलिस ने राज्य के चिन्हित 68 माफिया और उनके गैंग पर भी शिकंजा कसते हुए 1,459 सदस्यों के खिलाफ 875 मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें से 638 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हाल की 36 मुठभेड़ों में सबसे ज्यादा आठ एनकाउंटर मुजफ्फरनगर में हुए, जहां 10 अपराधी घायल हुए। पुलिस ने यहां से 11 बदमाशों को गिरफ्तार किया। वहीं हरदोई और मथुरा में हुई मुठभेड़ों में तीन अपराधी मारे गए।
डीजीपी ने बताया कि यूपी पुलिस सिर्फ एनकाउंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि अदालतों में मजबूत पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने पर भी फोकस कर रही है। पिछले नौ वर्षों में 1.25 लाख से ज्यादा आरोपियों को दोषी साबित कराया गया है। इनमें 79 अपराधियों को फांसी, 10,414 को उम्रकैद और 1,921 अपराधियों को 20 साल से अधिक की सजा दिलाई गई है।
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