दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बिगड़कर ‘अति खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है और एक्यूआई 301 से ऊपर दर्ज होने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-II तुरंत लागू कर दिया गया है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की उप-समिति ने लगातार बढ़ते प्रदूषण और मौसम पूर्वानुमान के आधार पर यह निर्णय लिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रदूषण इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो जल्द ही GRAP का तीसरा चरण भी लागू किया जा सकता है।
GRAP-2 के तहत मुख्य प्रतिबंध और निर्देश —
निर्माण कार्यों पर कड़ाई: धूल उत्पन्न करने वाले निर्माण कार्यों को रोका या सीमित किया जाएगा; निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव, ढेरों को कवर करने व धूल रोकने वाले उपाय अनिवार्य होंगे।
वाहन नियंत्रण: पुराने और अधिक प्रदूषण पैदा करने वाले वाहनों पर निगरानी और सीमित संचालन लागू किया जा सकता है; अनावश्यक निजी वाहन उपयोग कम करने की अपील।
जनरेटर व औद्योगिक उत्सर्जन: कोयला/लकड़ी पर आधारित उद्योगों पर रोक; नॉन-इमरजेंसी डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध।
खुले में जलाने की पूर्ण पाबंदी: कचरा, पत्ते या किसी भी प्रकार का ओपन बर्निंग मना है; कृषि अवशेष जलाने पर सख्त निगरानी।
सड़कों पर धूल नियंत्रण: प्रमुख सड़कें और सार्वजनिक स्थान नियमित रूप से पानी से धोए/छिड़काव किए जाएंगे; यांत्रिक स्वीपिंग व वैक्यूम क्लीनिंग बढ़ाई जाएगी।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा: बस व मेट्रो सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने, कारपूलिंग व सार्वजनिक परिवहन इस्तेमाल करने की अपील।
निगरानी व प्रवर्तन: प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियां सख्ती से निगरानी करेंगी; उल्लंघन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई संभव है।
प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है — अनावश्यक वाहन उपयोग न करें, खुले में कचरा/पत्ते जलाने से बचें, निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन करवाएं और सार्वजनिक स्वास्थ्य के मद्देनजर निर्देशों का पालन करें। उप-समिति ने कहा है कि वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार आगे के कदम लिए जाएंगे



