दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर सांस लेना मुश्किल हो गया है। राजधानी की हवा मंगलवार को 322 दिनों बाद “गंभीर” श्रेणी में पहुंच गई। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 428 दर्ज किया गया, जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बहादुरगढ़ में भी स्तर 400 के पार पहुंच गया। लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने GRAP के तीसरे चरण के तहत सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
🔹 हवा हुई जहरीली, दृश्यता घटी
सुबह से ही दिल्ली के आसमान में घनी धुंध छाई रही। CPCB के अनुसार, राजधानी का AQI सोमवार के मुकाबले 66 अंकों की छलांग लगाकर “गंभीर” श्रेणी में पहुंच गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के SAMEER ऐप पर दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 38 निगरानी केंद्रों में से 32 ने “गंभीर” स्तर दर्ज किया।
🔹 GRAP-3 के तहत सख्त कदम
- CAQM की आपात बैठक के बाद GRAP (Graded Response Action Plan) के तीसरे चरण के प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
इनमें शामिल हैं: - दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों पर रोक।
- निर्माण और तोड़फोड़ के सभी कार्यों पर प्रतिबंध (केवल आवश्यक सेवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजनाओं को छूट)।
- ईंट भट्टे, हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रशर और धूल उड़ाने वाले उद्योग बंद।
- स्कूलों में कक्षा 5 तक के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई की सलाह।
- पेंटिंग, वार्निशिंग, गैस-कटिंग और बड़े मरम्मत कार्यों पर रोक।
- सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव और अधिक वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
🔹 जनता से अपील — “कम सफर करें, सार्वजनिक परिवहन अपनाएं”
समिति ने नागरिकों से अपील की है कि छोटी दूरी के लिए पैदल या साइकिल से सफर करें, निजी वाहनों की बजाय मेट्रो और बसों का इस्तेमाल करें, कोयला या लकड़ी न जलाएं और घर से काम को प्राथमिकता दें।
🔹 NCR के प्रमुख शहरों का AQI
शहर AQI
दिल्ली 428
नोएडा 425
ग्रेटर नोएडा 406
गाजियाबाद 390
गुरुग्राम 378
फरीदाबाद 298
राजधानी में 23 दिसंबर 2024 के बाद यह अब तक का सबसे खराब स्तर है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, हवा की गति धीमी और तापमान गिरने के कारण अगले दो दिनों तक राहत की संभावना बेहद कम है।








