दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। राजधानी के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो चुकी है। रविवार को 13 क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
सुबह के समय हवा की रफ्तार धीमी पड़ने और धुंध छाने के कारण प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ा, जबकि दोपहर में मौसम साफ होने पर कुछ राहत जरूर मिली। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, फिलहाल प्रदूषण में किसी बड़े सुधार की संभावना नहीं है।
स्विस एप IQAir के अनुसार, रविवार सुबह 10 बजे दिल्ली का एक्यूआई 467 (अति गंभीर) दर्ज किया गया था, जो शाम होते-होते घटकर 180 (मध्यम) और रात तक 208 (खराब) पर पहुंचा। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत AQI 366 रहा, जो शनिवार के मुकाबले 63 अंकों की वृद्धि है।
CPCB के समीर एप के आंकड़े बताते हैं कि 38 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 13 पर AQI 400 से ऊपर रहा, 19 स्थानों पर ‘बहुत खराब’ और 6 स्थानों पर ‘खराब’ श्रेणी में रहा।
राजधानी के सबसे प्रदूषित इलाके —
विवेक विहार (412), वजीरपुर (427), सीरीफोर्ट (407), रोहिणी (408), आर.के. पुरम (416), पूसा (408), नेहरू नगर (405), द्वारका सेक्टर-8 (408), सीआरआरआई मथुरा रोड (407), चांदनी चौक (416), बुराड़ी (402), अशोक विहार (407)।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की कम गति और तापमान में गिरावट प्रदूषण को बढ़ा रही है। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत के मुताबिक, हवा की दिशा और गति प्रदूषण कम करने में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन रविवार को दोनों ही अनुकूल नहीं रहे।
आईआईटीएम पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों का योगदान 18.2% जबकि पराली जलाने का असर 3.4% रहा।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी रह सकती है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।








