
नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के थाना मैदान गढ़ी क्षेत्र में अवैध बोरिंग (ट्यूबवेल) और पुलिस संरक्षण से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि थाना मैदान गढ़ी के थाना अध्यक्ष ने करीब 20 लाख रुपये की रिश्वत लेकर काली अंधेरी रात में गैरकानूनी बोरिंग करवाई।
जानकारी के अनुसार यह अवैध बोरिंग डेरा भाटी रोड स्थित सीएनजी पंप से यू-टर्न लेकर बलराज तंवर फार्म के साथ वाले फार्म (धन्ना सेठ फार्म हाउस) में कराई जा रही थी, जहाँ अवैध निर्माण के तहत कोठी-बंगला बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रात के समय छोटी बोरिंग मशीन से नियमों को ताक पर रखकर ट्यूबवेल खोदा गया।
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि अवैध बोरिंग की शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर दर्ज कराई गई थी, लेकिन मौके पर पहुँची पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय बोरिंग मशीन को वहाँ से हटवा दिया, जिससे अवैध गतिविधि के सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह पूरा अवैध कार्य पुलिस संरक्षण में किया जा रहा था, जिससे न केवल भू-जल का भारी दोहन हो रहा है बल्कि कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरे मामले की शिकायत प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री दिल्ली, दिल्ली जल बोर्ड, विजिलेंस विभाग, पुलिस आयुक्त, डीसीपी साउथ, एसीपी महरौली, थाना मैदान गढ़ी, डीसी साउथ रेवेन्यू और एसडीएम साकेत समेत कई उच्च अधिकारियों को भेजी गई है।
शिकायत में मांग की गई है कि अवैध बोरिंग में प्रयुक्त मशीन को तुरंत जब्त कर 5/15 कलंदरा के अंतर्गत बंद किया जाए तथा थाना मैदान गढ़ी के थाना अध्यक्ष के विरुद्ध विजिलेंस जांच कराकर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाए।
अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस गंभीर मामले में दोषियों पर कब और क्या कदम उठाया जाता है।







