डी.के. शिवकुमार ने विधानसभा में गाई RSS प्रार्थना, सभी नेता रह गए हैरान

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कर्नाटक विधानसभा में उस वक्त सभी विधायक चौंक गए जब उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने चर्चा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की प्रसिद्ध प्रार्थना ‘नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे’ की कुछ पंक्तियां गा दीं।

यह घटनाक्रम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ की घटना पर बहस के दौरान हुआ, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी।

बीजेपी ने लगाया था उकसाने का आरोप

विधानसभा में यह मुद्दा उस वक्त उठा जब बीजेपी विधायकों ने शिवकुमार पर आरोप लगाया कि वह RCB (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) की जीत के बाद भीड़ को उकसाने में शामिल थे।
विधायकों का दावा था कि शिवकुमार बेंगलुरु एयरपोर्ट से लेकर स्टेडियम तक आरसीबी टीम के साथ जुलूस में शामिल हुए थे, और पूरे रास्ते कन्नड़ झंडा लहराते रहे।

“मैंने अपना काम किया” – डीके शिवकुमार

इन आरोपों पर जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा,

“मैं KSCA (कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ) का सदस्य हूं। वहां के सचिव मेरे मित्र हैं। बेंगलुरु मेरा जिम्मा है, मैं खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देने गया था। कप को चूमा और कर्नाटक का झंडा उठाया। मैंने सिर्फ अपना काम किया।”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं कई राज्यों में होती हैं और वह जरूरत पड़ने पर उनके उदाहरण सदन में रख सकते हैं।

मुस्कराते हुए गा दी आरएसएस की प्रार्थना

जवाब के दौरान जब बीजेपी विधायक आर. अशोक ने शिवकुमार को उनकी पुरानी टिप्पणी याद दिलाई — “मैं RSS की चड्डी पहनता हूं”, तो शिवकुमार ने मुस्कराते हुए सीधे RSS की प्रार्थना गा दी:

“नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे…”

विधानसभा में यह सुनते ही विपक्ष के नेता मेज थपथपाने लगे, जबकि कांग्रेस खेमे में कुछ क्षणों के लिए सन्नाटा छा गया।

बीजेपी ने ली चुटकी, कांग्रेस में असहजता

बीजेपी विधायक वी. सुनील कुमार ने चुटकी लेते हुए कहा,

“उम्मीद है कि ये पंक्तियां सदन के रिकॉर्ड से हटाई नहीं जाएंगी।”

इसके जवाब में शिवकुमार ने कहा कि उन्हें गर्व है कि सरकार ने हादसे के तुरंत बाद कार्रवाई की और ज़िम्मेदार अधिकारियों व आरसीबी प्रबंधन पर कार्यवाही शुरू की।

सोशल मीडिया पर मिला मिला-जुला रिएक्शन

यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। कुछ लोग डीके शिवकुमार की राजनीतिक चतुराई की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि यह राजनीतिक नौटंकी का हिस्सा है।
कई भाजपा समर्थकों ने इसे शिवकुमार की वैचारिक हार बताया, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच इस पर चुप्पी देखी गई।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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