दिल्ली के छतरपुर मेन रोड पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब एमसीडी का बुलडोजर अवैध निर्माणों पर गरजता नजर आया। यह कार्रवाई उस खबर के बाद तेज हुई, जो किन्नी टाइम्स ने X (Twitter) और Google Drive के जरिए उजागर की थी।
सूत्रों के अनुसार, छतरपुर D-93, छतरपुर एन्क्लेव मेन रोड पर डीडीए नोटिफाई जमीन पर एक पांच मंजिला बेसमेंट सहित कमर्शियल बिल्डिंग का निर्माण बिना नक्शा पास कराए किया जा रहा था। स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि इस निर्माण से जुड़ा नाम अमरोहा के सांसद कंवर सिंह तंवर से जोड़ा जा रहा है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन खबर वायरल होते ही एमसीडी हरकत में आ गई।
अब बड़ा सवाल यही है — क्या यह सिर्फ कागजी कार्रवाई है या वाकई ईमानदारी से पूरी बिल्डिंग सील कर डिमोलिशन किया जाएगा? और क्या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा?
दूसरा एक्शन: खसरा नंबर 508 पर भी चला बुलडोजर
इसी क्रम में एमसीडी की दूसरी कार्रवाई खसरा नंबर 508, छतरपुर मेन रोड, अग्रवाल प्रॉपर्टी कार्यालय के पास देखने को मिली, जहां अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ जारी है। यहां स्थानीय लोगों का आरोप है कि भूमाफिया खुलेआम कानून का मजाक उड़ा रहे थे और निर्माण के दौरान प्रशासन मौन था।
लोगों के बीच चर्चा गर्म है —
“जब अवैध निर्माण हो रहा था तब निगम कहां था? पहले बनने दो, फिर तोड़ो — क्या यही सिस्टम है?”
राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल
यह मामला अब सिर्फ अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक ईमानदारी और राजनीतिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ छवि और भ्रष्टाचार विरोधी संदेश के बीच, अगर सत्ता से जुड़े नामों पर ऐसे आरोप लगते हैं, तो यह गंभीर विषय बन जाता है।
अब नजरें एमसीडी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं —
क्या यह सिर्फ दिखावा है या कानून सच में अपना काम करेगा?
Kinni Times इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।








