
नई दिल्ली के दक्षिणी इलाके असोला गांव (तहसील साकेत, थाना मैदान गढ़ी) से सरकारी वन विभाग की करोड़ों की जमीन पर कब्ज़े का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-माफिया पिछले करीब डेढ़ महीने से रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से जमीन को समतल कर रहे हैं और ट्रकों से भरकर मिट्टी डालकर कब्जा बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सब कुछ छतरपुर क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता तथा नोएडा का एक नेता के इशारे पर और वन विभाग तथा पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है। करोड़ों रुपए रिश्वत वन विभाग पुलिस को दिए गए हैं
📌 जमीन का विवरण
शिकायतकर्ता का कहना है कि कब्ज़ा खसरा नंबर 1671, 1672, 1668, 1669, 1316, 1311 और 1310 की जमीन पर किया जा रहा है।
बताया गया है कि करीब 30 फीट चौड़ा और 2000 फीट लंबा अवैध रास्ता बनाकर इसे फार्महाउस नंबर C-4, असोला शनि धाम रोड से जोड़ा गया है। तथा भूमिया नेताओं ने वन विभाग के अधिकारियों से मिलकर गूगल मैप से जो नापतोल DEMARCATION हुई थी उसको भी इधर-उधर कर दिया गया है तथा वर्ल्ड लाइफ सेंचुरी के द्वारा बनाई गई दीवार तोड़कर वन विभाग की जमीन पर कब्जा किया गया
🏗️ अवैध निर्माण जारी
शिकायत में कई गंभीर आरोप शामिल हैं—
✔ वन भूमि पर टेंट हाउस के गोदाम तैयार
✔ पुरानी वन विभाग की दीवार तोड़ी गई
✔ दो अवैध ट्यूबवेल बोरिंग
✔ पेड़ों की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई
✔ Google Maps पर बदलाव साफ दिखाई दे रहे
👮♂️ पुलिस और वन विभाग पर गंभीर सवाल
सबसे हैरानी की बात—जहां अवैध गतिविधि की जा रही है, वहीं वन विभाग की चौकी मौजूद है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता ने 2 सितंबर 2025 को 112 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई, फिर भी पुलिस निष्क्रिय रही।
17 अक्टूबर 2025 की रात भी जेसीबी मशीनों द्वारा कब्ज़ा जारी रहा। आरोप है कि थाना मैदान गढ़ी के अधिकारियों की सीधी मिलीभगत है और थाने के गेट से ही मिट्टी भरे ट्रक निकलते देखे गए।
आज दिनांक 7 दिसंबर 2025 को भी पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर शिकायत दर्ज कराएगी जिसमें ट्रैकों से वन विभाग की जमीन पर बाहर से मिट्टी लाकर कब्जा कर रहे हैं
📢 शिकायतकर्ता की प्रमुख मांगें
1️⃣ वन भूमि की दोबारा नाप-जोख
2️⃣ अवैध निर्माण व रास्ता हटाया जाए
3️⃣ पेड़ों की कटाई पर FIR व सुरक्षित पेड़ों की वीडियोग्राफी
4️⃣ मामले की CBI जांच और दोषी अधिकारियों के निलंबन
5️⃣ राजस्व रिकॉर्ड की जांच और एंटी करप्शन एक्ट के तहत कार्रवाई
📤 उच्च अधिकारियों तक पहुंची शिकायत
शिकायत की प्रतियां—
प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, मुख्यमंत्री दिल्ली, उपराज्यपाल, पुलिस आयुक्त, BSES व दिल्ली जल बोर्ड—सभी को भेजी गई हैं।
💬 स्थानीयों का सवाल “वन विभाग की चौकी होते हुए भी सरकार की जमीन पर कब्जा कौन करवा रहा है?”
यह मामला न सिर्फ पर्यावरण सुरक्षा बल्कि शासन-प्रशासन की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि इस मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल प्रिंसिपल कोर्ट(NGT) मैं याचिका फाइल करी जा रही है जो प्रक्रिया में है








