नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और उद्योगपति रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की सगाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक राजस्थान के प्रसिद्ध रणथम्भौर में रेहान वाड्रा की अवीवा बेग से सगाई होने जा रही है। रेहान ने सोमवार को अवीवा को प्रपोज किया था।
अवीवा बेग के पिता इमरान बेग एक जाने-माने बिजनेसमैन हैं, जबकि उनकी मां नंदिता बेग पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं। बताया जा रहा है कि बेग परिवार गांधी परिवार के काफी करीबी लोगों में शामिल है। रेहान और अवीवा की यह सगाई गांधी परिवार की उस परंपरा को आगे बढ़ा रही है, जिसमें जीवनसाथी का चुनाव प्रेम के आधार पर किया गया।
गांधी परिवार और प्रेम विवाह की परंपरा
गांधी परिवार में प्रेम विवाह का इतिहास कोई नया नहीं है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर उनकी पोती प्रियंका गांधी तक, परिवार के कई सदस्यों ने अपने जीवनसाथी का चयन प्रेम के आधार पर किया।
इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी की प्रेम कहानी
रेहान की परनानी और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने फिरोज गांधी से प्रेम विवाह किया था। हालांकि इस रिश्ते को लेकर शुरुआत में उनके पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू पूरी तरह सहमत नहीं थे। परिवार के भीतर भी इस शादी को लेकर मतभेद रहे, लेकिन अंततः इंदिरा गांधी ने अपने फैसले पर कायम रहते हुए फिरोज गांधी से विवाह किया।
राजीव गांधी और सोनिया गांधी की शादी
रेहान के नाना राजीव गांधी की प्रेम कहानी भी कम दिलचस्प नहीं रही। वर्ष 1965 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान राजीव गांधी की मुलाकात इटली की सोनिया माइनो से कैंब्रिज में हुई थी। दोनों के बीच धीरे-धीरे प्रेम हुआ और बाद में दोनों विवाह बंधन में बंध गए। खास बात यह रही कि शुरुआत में सोनिया को राजीव के राजनीतिक परिवार की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा का रिश्ता
रेहान की मां प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रेम विवाह किया। उनकी मुलाकात रॉबर्ट वाड्रा से वर्ष 1991 में दिल्ली में एक साझा मित्र के घर हुई थी। लंबे समय तक चले रिश्ते के बाद दोनों ने 18 फरवरी 1997 को शादी कर ली।
रेहान और अवीवा: परंपरा का नया अध्याय
अब रेहान वाड्रा और अवीवा बेग की सगाई गांधी परिवार की उसी प्रेम विवाह की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। रणथम्भौर में होने जा रही यह सगाई पारिवारिक और निजी समारोह मानी जा रही है।
गांधी परिवार की ये प्रेम कहानियां न केवल निजी जीवन की झलक देती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि इस राजनीतिक परिवार में व्यक्तिगत फैसलों को हमेशा अहमियत दी गई है।



