अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में आज सुप्रीम कोर्ट अहम सुनवाई करेगा। इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। अब अदालत इस रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद मामले में आगे की दिशा तय कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को प्राप्त चढ़ावे और दान की राशि के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष और अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शी जांच जरूरी है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी। पीठ में जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। इससे पहले 13 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को निर्देश दिया था कि वह अपनी जांच की प्रगति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश करे।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट अदालत को सौंप दी है। अब सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे क्या कदम उठाए जाएं और क्या मामले में किसी अतिरिक्त जांच या अन्य निर्देशों की आवश्यकता है।
इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है, क्योंकि यह केवल एक कानूनी विवाद नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा विषय माना जा रहा है। आज की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां और आदेश आगे की जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि एसआईटी की जांच को लेकर अदालत का अगला कदम क्या होगा और मामले की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी।








