पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बेहद दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए जानी-मानी बंगाली फिल्म अभिनेत्री कोयल मल्लिक को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। इससे पहले कोयल मल्लिक ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा का सफर तय किया था, लेकिन कुछ समय पूर्व ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इसी त्यागपत्र के बाद खाली हुई पश्चिम बंगाल की इस एकमात्र राज्यसभा सीट पर चुनाव आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगामी 16 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव संपन्न कराया जाना है।
टीएमसी से सफर की शुरुआत और अचानक इस्तीफा
गौरतलब है कि कोयल मल्लिक को साल 2026 में तृणमूल कांग्रेस द्वारा राज्यसभा भेजा गया था, जहां उन्होंने सांसद के रूप में शपथ भी ली थी। हालांकि, उनका यह राजनीतिक सफर टीएमसी के साथ अधिक लंबा नहीं चल सका और उन्होंने गत 16 जुलाई 2026 को राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उनके इस अचानक कदम से यह सीट रिक्त हो गई थी। अब भाजपा ने उसी खाली सीट के लिए उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतार दिया है, जिसके चलते वह अब भाजपा के टिकट पर दोबारा संसद पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
कौन हैं कोयल मल्लिक? फिल्मी दुनिया से राजनीतिक सफर
मूल रूप से रुक्मणी मलिक के नाम से पहचानी जाने वाली कोयल मल्लिक बंगाल के दिग्गज और लोकप्रिय अभिनेता रंजीत मल्लिक की सुपुत्री हैं। उन्होंने बंगाली सिनेमा की कई सुपरहिट फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में एक विशेष जगह बनाई है। अभिनय की दुनिया में लंबी और सफल पारी खेलने के बाद उन्होंने राजनीति की ओर रुख किया और टीएमसी के जरिए संसद तक पहुंचीं। टीएमसी का साथ छोड़कर सीधे भाजपा के टिकट पर उसी सीट से दोबारा मैदान में उतरने के उनके इस फैसले ने राज्य के सियासी गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है।
16 अक्टूबर को होगा मतदान और सियासी समीकरण
रिक्त हुई इस सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की गई है, जिसके चलते राज्य में राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। भाजपा द्वारा कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब अन्य विपक्षी दल भी इस मुकाबले को लेकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं। विधानसभा के वर्तमान अंकगणित को देखते हुए इस उपचुनाव के नतीजे भले ही तकनीकी रूप से अनुमानित नजर आ रहे हों, लेकिन एक अभिनेत्री का इस तरह पाला बदलकर एनडीए खेमे से दोबारा उच्च सदन जाने का यह पूरा घटनाक्रम बंगाल की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।








