मौसम अपडेट: देश के कई हिस्सों से मानसून की विदाई का दौर जारी है, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों के मौसम पर पैनी नजर बनाए हुए है। IMD के 2 अक्टूबर 2026 को जारी ताजा सब-डिविजनल पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई उत्तर भारतीय राज्यों के लिए आज कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिल्ली-NCR में अक्टूबर की शुरुआत के साथ तापमान में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलता है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए आज कोई वॉर्निंग नहीं है, जिसका अर्थ है कि भारी बारिश या तेज आंधी जैसी कोई चेतावनी लागू नहीं है, हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में हल्के बदलाव संभव हैं।
उत्तर प्रदेश और बिहार में कैसा रहेगा आज का मौसम?
उत्तर प्रदेश के लिए भी IMD की ताजा रिपोर्ट में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए आज किसी प्रकार की चेतावनी नहीं दिखाई गई है। इससे पहले सितंबर के आखिरी सप्ताह में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनी थी, लेकिन फिलहाल मौसम सामान्य है। वहीं, बिहार में भी आज के लिए IMD की चेतावनियों में कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, अक्टूबर के इन शुरुआती दिनों में पूर्वी भारत के मौसम पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि बादलों की आवाजाही और स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कुछ जगहों पर अचानक बदलाव हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों और मध्य भारत का हाल
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए भी आज की ताजा IMD वॉर्निंग में कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं है। हालांकि, मौसम विभाग के आगामी दिनों के पूर्वानुमान में इन क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज मौसम गतिविधियों की संभावना जरूर जताई गई है। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब और मध्य भारत के लिए भी आज कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही इन इलाकों में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ना शुरू हो जाता है, जिससे दिन में हल्की गर्मी और सुबह-रात के समय मौसम सुहावना महसूस होने लगता है।
मानसून की विदाई के बाद भी क्यों होती है बारिश?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की आधिकारिक विदाई का यह मतलब बिल्कुल नहीं होता कि देश भर में बारिश पूरी तरह थम गई है। मानसून के बाद भी बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाली विभिन्न मौसम प्रणालियों का असर पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों पर दिखाई देता है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area), साइक्लोनिक सर्कुलेशन और हवा में नमी की मौजूदगी कई बार अचानक बारिश और गरज-चमक वाले मौसम का कारण बनती है। IMD ने अक्टूबर के लिए पोस्ट-मानसून सीजन का विस्तृत पूर्वानुमान भी जारी किया है, जिसके तहत लोगों को स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।








