नई दिल्ली: देश के मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव का असर देश के पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के राज्यों में साफ दिखाई दे रहा है।
इस मौसमी बदलाव के चलते उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से मछुआरों को समुद्र में न उतरने और विशेष सावधानी बरतने की सख्त हिदायत दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर समेत यूपी और बिहार में अलर्ट
उत्तर प्रदेश: मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और सोनभद्र समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बिहार: राजधानी पटना समेत गया, रोहतास, सिवान, सारण, गोपालगंज, भागलपुर, पूर्णिया और किशनगंज जैसे कई जिलों में गर्जन के साथ बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर: राजधानी में मध्यम स्तर की बारिश के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तटीय और मध्य भारत में 70 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के दबाव का सबसे ज्यादा असर मध्य और तटीय भारत में देखने को मिलेगा:
ओडिशा और आंध्र प्रदेश: भारी बारिश के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़: राज्य में मूसलाधार बारिश के साथ हवा के झोंके 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं।
मध्य प्रदेश: राज्य के विभिन्न हिस्सों में 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है।
राजस्थान: प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का दौर जारी रहेगा।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) का बढ़ा खतरा
पहाड़ी राज्यों में हो रही लगातार बारिश ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं:
उत्तराखंड: नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ, पौड़ी, चमोली और टिहरी समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों के कई जिलों में बारिश के साथ तेज आंधी का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और चट्टान खिसकने का खतरा काफी बढ़ सकता है, इसलिए संवेदनशील इलाकों में यात्रा करने से बचने की सलाह दी गई है।








