अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच सोशल मीडिया पर चल रहा वाकयुद्ध अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। मैरी मिलबेन द्वारा CJP के विरोध-प्रदर्शनों और कथित विदेशी फंडिंग को लेकर दिए गए बयानों के बाद दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो गई है।
मैरी मिलबेन की सलाह और अभिजीत दीपके का पलटवार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने अभिजीत दीपके को कड़ी नसीहत दी है:
डोनर्स और फंडिंग पर दावा: मिलबेन ने दावा किया है कि यदि दीपके के राजनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो उन्हें आर्थिक मदद देने वाले अमेरिकी डोनर उनका साथ छोड़ देंगे और “गैर-कानूनी गतिविधियां कभी सफल नहीं होतीं”।
सकारात्मक दिशा में काम करने की सलाह: उन्होंने दीपके को अपनी अमेरिकी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग देश विरोधी प्रदर्शनों में करने के बजाय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर देश के विकास में लगाने की सलाह दी है। साथ ही यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी समर्थन की नहीं, बल्कि देश के सवा सौ करोड़ नागरिकों के समर्थन की आवश्यकता है।
दीपके का तीखा जवाब: दूसरी ओर, अभिजीत दीपके ने इन बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे भारत के आंतरिक मामलों में खुला विदेशी हस्तक्षेप करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक विदेशी नागरिक को भारतीय राजनीति और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर टिप्पणी करने का अधिकार किसने दिया है।
16 अक्टूबर के ‘तिरंगा मार्च’ की तैयारियां और राजनीतिक पारा
इस वैचारिक और सोशल मीडिया संघर्ष के बीच CJP का आगामी राजनीतिक कार्यक्रम पूरी गति से आगे बढ़ रहा है:
कनॉट प्लेस में प्रदर्शन का ऐलान: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे की मांग और अपने नेताओं (सौरव दास और आशुतोष रांका) की गिरफ्तारी के विरोध में CJP ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में बड़े पैमाने पर ‘तिरंगा मार्च’ निकालने की घोषणा की है।
प्रशासनिक सतर्कता: CJP नेताओं के खिलाफ हाल ही में दर्ज मामलों और प्रस्तावित मार्च के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया एजेंसियों की निगरानी बेहद कड़ी कर दी गई है।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर चल रही इस जुबानी जंग और CJP के आगामी आंदोलनों पर राजनीतिक गलियारों की पैनी नजर बनी हुई है।








