उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों और किम जोंग उन से रिश्तों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका की अलग-अलग नीतियों पर सवाल पूछे जाने पर किम जोंग उन के साथ अपने रिश्तों का खुलकर जिक्र किया। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने किम को अपना दोस्त बताया और कहा कि उत्तर कोरियाई नेता उन्हें पसंद करते हैं। ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि किम के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों को लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनके मुताबिक दोनों नेताओं के बीच संवाद ने उत्तर कोरिया के साथ रिश्तों में एक अलग तरह की स्थिति पैदा की है।

उत्तर कोरिया की परमाणु ताकत और पिछली सरकारों पर निशाना

ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की अमेरिकी नीति और उत्तर कोरिया की मौजूदा परमाणु क्षमता के बीच अंतर को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि प्योंगयांग के पास काफी बड़ी परमाणु क्षमता है। हालांकि, उन्होंने इसकी तुलना अमेरिकी परमाणु क्षमता से नहीं की। ट्रंप ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में पिछली अमेरिकी सरकारों की नाकामी को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और तर्क दिया कि पहले के राष्ट्रपतियों ने वे कदम नहीं उठाए, जो उनके मुताबिक उठाए जाने चाहिए थे।

ट्रंप और किम के बीच पहले भी हो चुकी हैं अहम मुलाकातें

किम जोंग उन के साथ ट्रंप की व्यक्तिगत कूटनीति नई नहीं है। अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता के साथ सीधे संवाद का रास्ता अपनाया था और दोनों नेताओं की 2018 में सिंगापुर तथा 2019 में हनोई में ऐतिहासिक शिखर बैठकें हुई थीं। ट्रंप लंबे समय से यह दावा करते रहे हैं कि किम के साथ सीधी बातचीत ने अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव को संभालने में बड़ी भूमिका निभाई है। अपने मौजूदा कार्यकाल में भी उन्होंने किम के साथ संपर्क और संभावित मुलाकात की बात कही है, जबकि इसके विपरीत ईरान को लेकर ट्रंप प्रशासन का रुख कहीं अधिक सख्त रहा है और वाशिंगटन ने तेहरान पर लगातार आर्थिक व सैन्य दबाव बनाए रखा है।

परमाणु नीतियों के अंतर पर उठ रहे नए सवाल

ट्रंप के इस ताजा बयान ने अमेरिका की उत्तर कोरिया और ईरान नीति के बीच के अंतर को लेकर छिड़ी बहस को फिर से सामने ला दिया है। एक तरफ वाशिंगटन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने को अपनी सुरक्षा नीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप उत्तर कोरिया के मामले में किम के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों और पुरानी अमेरिकी नीतियों का हवाला दे रहे हैं। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, जहां हालिया बातचीत में परमाणु मुद्दे के साथ-साथ क्षेत्रीय तनाव और रणनीतिक जलमार्गों से जुड़े सवाल भी चर्चा के केंद्र में हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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