उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के खुर्जा रोडवेज डिपो पर बस सीज होने के बाद यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। इसी दौरान गुस्साए यात्रियों ने किराया वापस लेने के दौरान परिचालक के कपड़े भी फाड़ दिए। आरोपी परिचालक किसी तरह जान बचाकर वहां से निकल सका। वहीं एआरएम की ओर से यात्रियों को अन्य रोडवेज बसों में शिफ्ट किया गया।
एआरएम राजेंद्र सिंह और परिवहन विभाग के यात्रीकर अधिकारी विकास अस्थाना मंगलवार सुबह खुर्जा रोडवेज के बाहर चेकिंग कर रहे थे। जहां पर एक डग्गामार बस को रोका गया, जो रोडवेज बस के रंग में थी। चेकिंग देख चालक बस छोड़कर मौके से भाग गया। अधिकारियों ने परिचालक को पकड़ लिया और बस को डिपो के अंदर खड़ा कराया। वहीं यात्रियों में परिचालक से किराया वापस लेने होड़ मच गई। ऐसे में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान गुस्साए यात्रियों ने परिचालक के कपड़े भी फाड़ दिए।
यात्री रवि का कहना था कि आनंद विहार से अलीगढ़, कासगंज, फर्रुखाबाद, एटा, मैनपुरी के लिए बस के बाहर बोर्ड लगा रखा था। ऐसे में यात्री बस में बैठ गए। फिर बस चालू हो गई तो परिचालक उनसे मनमाने ढंग से किराया वसूल रहा था। रोडवेज की तरह होने के कारण बस के डग्गामार होने की पहचान भी नहीं हो सकी। ऐसे में बीच रास्ते में उतरने के लिए भी चालक ने मना कर दिया। मजबूरी में यात्रियों ने जहां का किराया 500 रुपये था, वहां का भी 700 रुपये दिए।
सूचना मिल रही थी रोडवेज के रंग में कई डग्गामार बस चल रही हैं। ऐसे में परिवहन विभाग के साथ चेकिंग की गई, जिसमें एक बस को पकड़ा गया। सवारी आनंद विहार से बैठकर अन्य जनपदों में जा रही थीं। बस को सीज किया गया और यात्रियों को अन्य बसों में शिफ्ट किया गया। किराया लेने के दौरान यात्रियों और परिचालक के बीच धक्का-मुक्की हो गई थी – राजेंद्र सिंह, एआरएम, खुर्जा।




