भारतीय कॉर्पोरेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अपने पद से हटने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, वे 20 फरवरी 2027 तक अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे, लेकिन इसके बाद वे आगे किसी भी तरह का एक्सटेंशन यानी पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे।
टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व में यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब पिछले कुछ समय से टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच बोर्ड प्रबंधन, भविष्य की व्यावसायिक रणनीतियों और कई अहम मुद्दों पर मतभेदों की खबरें मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई थीं। हालांकि, चंद्रशेखरन ने अपने इस फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारणों और नेतृत्व परिवर्तन के सुचारू हस्तांतरण का हवाला दिया है।
क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई
गौरतलब है कि नटराजन चंद्रशेखरन (एन. चंद्रशेखरन) ने साल 2017 में साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के बाद टाटा संस की कमान संभाली थी। इसके बाद साल 2022 में उन्हें लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए 5 साल का एक्सटेंशन दिया गया था। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने एयर इंडिया के अधिग्रहण से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, सेमीकंडक्टर और ‘टाटा न्यू’ (Tata Neu) सुपर ऐप जैसे कई नए और डिजिटल क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
अन्य योग्य हाथों में सौंपा जा सके
टाटा संस के बोर्ड और समूह के प्रमुख हितधारकों को चंद्रशेखरन ने अपने फैसले की जानकारी दे दी है। उनके इस फैसले के बाद अब टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के सामने समूह के नए उत्तराधिकारी की तलाश का काम शुरू हो जाएगा, ताकि 2027 में 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्य वाले इस ऐतिहासिक औद्योगिक साम्राज्य का नेतृत्व निर्बाध रूप से किसी अन्य योग्य हाथों में सौंपा जा सके।








