दिल्ली में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी बेअसर: छतरपुर–मैदानगढ़ी–JVTS Garden में धड़ल्ले से अवैध निर्माण जारी, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप

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दिल्ली में हवा लगातार ‘बेहद ख़राब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। GRAP चरण–III/IV लागू है, सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह का निर्माण-ध्वंस कार्य तुरंत रोका जाए, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। दक्षिणी दिल्ली के छतरपुर, मैदानगढ़ी रोड, JVTS Garden और नंदा हॉस्पिटल साइड में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण खुलेआम जारी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल लाखों-करोड़ों की रिश्वतखोरी और अधिकारियों की मिलीभगत पर टिका है। पुलिस, एमसीडी और पॉल्यूशन विभाग पर “जंगलराज” चलाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

GRAP एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियाँ, अवैध निर्माण दिन-रात जारी

भारी वायु प्रदूषण के बावजूद JVTS Garden और छतरपुर में बिल्डर डीज़ल-चलित मशीनों और रातभर चलने वाले निर्माण कार्यों का बेझिझक उपयोग कर रहे हैं।

इनसे निकलने वाला काला धुआँ, उच्च शोर प्रदूषण, और धूल का गुबार कॉलोनी में AQI को “Severe” श्रेणी में धकेल रहा है।

मुख्य उल्लंघन:

GRAP Phase–III/IV के निर्माण-प्रतिबंध आदेश की अवहेलना

डीज़ल से चलने वाली शटरिंग/स्लैब-कास्टिंग मशीनों का उपयोग

रातभर भारी मशीनरी का संचालन

Air & Noise Pollution Acts का उल्लंघन

JVTS Garden में सक्रिय अवैध निर्माणों की सूची

इन स्थानों पर निर्माण प्रतिबंध के बावजूद काम दिन-रात जारी है:

C-106, Himalaya Lok

C-614, Himalaya Lok

Mother Dairy के सामने, JVTS Garden

B-202/3, Birla (Agarwal Sweets के पास)

A-92, Suman Chowk, Main Market Road

Builder Naresh Tanwar — A-1, C-78, JVTS Garden

इन सभी साइटों पर Supreme Court, NGT और DPCC के आदेशों को खुलेआम नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।

मैदानगढ़ी रोड: बेसमेंट निर्माण का खेल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी बेअसर

चौंकाने वाली बात यह है कि मैदानगढ़ी रोड पर बेसमेंट निर्माण जारी है, जबकि Pollution Act के तहत यह पूर्ण प्रतिबंधित है।

जहाँ खुलेआम बेसमेंट बन रहा है:

खसरा नंबर 633, 634, 637

C.No-116, C.No-117

रीवाड़ी फार्म, मैदानगढ़ी रोड

रात के समय बड़े क्रेन, मिक्सर और मशीनों से खुदाई व कंक्रीट डाला जा रहा है। धूल का गुबार पूरे इलाके में फैल रहा है।

रिश्वतखोरी का आरोप

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह पूरा अवैध निर्माण रैकेट अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है।

जिन विभागों पर सवाल उठ रहे हैं:

SDM साकेत

MCD दक्षिणी दिल्ली

पॉल्यूशन विभाग

थाना महरौली व थाना मैदानगढ़ी पुलिस

लोगों का दावा है कि “हर काम के बदले रेट फ़िक्स है”—और इसी के आधार पर निर्माण बिना रुके जारी है।

नंदा हॉस्पिटल साइड का विवाद: एमसीडी की ‘ड्रामा डिमोलिशन’ कार्रवाई

छतरपुर मेन रोड स्थित नंदा हॉस्पिटल के सामने, खसरा नंबर 669/670/671 पर एमसीडी की डिमोलिशन कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

लोगों के आरोप:

एमसीडी ने अवैध इमारतें नहीं तोड़ीं

सिर्फ पुरानी लोहे की चादरें हटाकर “ड्रामा” किया गया

भारी पुलिस बल बुलाकर आम जनता को डराने का प्रयास

असली अवैध बिल्डिंग्स untouched छोड़ी गईं

यह सारा खेल मोटी रिश्वत के कारण हुआ

यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुँच गया है। याचिकाकर्ता ने 112 नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई है।

कॉलोनी में ‘अवैध बाजार’ का रूप लेती सड़के

JVTS Garden और आसपास की सड़कों पर अवैध व्यावसायिक रूपांतरण तेजी से बढ़ा है:

4 फीट तक के अवैध छज्जे

सरकारी सड़क पर बनाई अवैध सीढ़ियाँ

रिहायशी सड़कों पर व्यावसायिक दुकानें

इससे पूरा इलाका एक अनियंत्रित और बिना नियमों वाला बाज़ार बन चुका है।

कौन-कौन से कानून तोड़े जा रहे हैं?

Environmental Protection Act, 1986

Air (Prevention & Control of Pollution) Act, 1981

Noise Pollution (Regulation & Control) Rules, 2000

Delhi Municipal Corporation Act (Section 331, 333)

GRAP Phase–III/IV दिशानिर्देश

NGT और Supreme Court के आदेश

निवासियों की बड़ी मांगें

सभी अवैध निर्माणों को तत्काल रोका जाए

डीज़ल मशीनें जब्त कर FIR दर्ज की जाए

MCD, पुलिस और SDM के खिलाफ विभागीय कार्रवाई

अवैध दुकानों, ढाँचों और बेसमेंट को ध्वस्त किया जाए

Supreme Court, NGT और GRAP के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए

दिल्ली में प्रदूषण संकट अपने चरम पर है। ऐसे में छतरपुर, JVTS Garden और मैदानगढ़ी रोड में जारी अवैध निर्माण प्रशासन की विफलता और सिस्टम की सड़ांध को उजागर करता है। अब गेंद सरकार और न्यायपालिका के पाले में है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में वायु प्रदूषण और भी भयावह रूप ले सकता है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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