दक्षिणी दिल्ली के थाना फतेहपुर बेरी क्षेत्र में स्थित सुल्तानपुर फार्म हाउस में अवैध बोरिंग और कथित फर्जी परमिशन का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से बोरिंग की अनुमति जारी की गई और इसके बदले भारी रकम ली गई। इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फार्म हाउस नंबर 10A से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक यह मामला सुल्तानपुर फार्म हाउस नंबर 10A से जुड़ा है, जहां अवैध रूप से पानी की बोरिंग किए जाने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां बोरिंग मशीनों के जरिए जमीन के अंदर पानी के बोर किए जा रहे थे, जबकि इसके लिए जो परमिशन दिखाई जा रही है उसे फर्जी बताया जा रहा है।
तहसीलदार और BDO पर गंभीर आरोप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार सुल्तानपुर के तहसीलदार अजय शर्मा(99994 20588) और BDO तनुज भनोट(9810578938 )पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से प्रति बोरिंग करीब 25 लाख रुपये लेकर अनुमति जारी की। इलाके में इसको लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर भी की गई थी। शिकायत में अवैध बोरिंग, फर्जी अनुमति और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया गया था। इसके बावजूद अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना फतेहपुर बेरी के थाना अध्यक्ष की कथित मिलीभगत के कारण अवैध बोरिंग को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद मौके पर न तो बोरिंग मशीनें जब्त की गईं और न ही अवैध काम पर रोक लगाई गई।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
इलाके के लोगों का कहना है कि अगर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो फर्जी परमिशन, अवैध बोरिंग और प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। स्थानीय निवासियों ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन सामने आए आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।








