दक्षिणी दिल्ली के थाना फतेहपुर बेरी क्षेत्र में स्थित सुल्तानपुर फार्म हाउस में कथित फर्जी बोरिंग परमिशन के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस पूरे मामले से जुड़ी बोरिंग परमिशन की कथित कॉपी सामने आई है, जो शिकायत करने के बाद तहसीलदार अजय शर्मा द्वारा भिजवाई गई है। दस्तावेज सामने आने के बाद इस मामले को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं।
फर्जी बोरिंग परमिशन की कॉपी सामने आई
मामले से जुड़ी जो परमिशन कॉपी सामने आई है, उसमें बोरिंग से संबंधित अनुमति दर्शाई गई है। यह दस्तावेज तहसीलदार अजय शर्मा द्वारा जारी किए जाने से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि इस दस्तावेज की वैधता को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं और इसकी जांच की मांग की जा रही है।
पहले भी लगे थे अधिकारियों पर गंभीर आरोप
इससे पहले भी सुल्तानपुर फार्म हाउस इलाके में अवैध बोरिंग और फर्जी परमिशन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि इलाके में बोरिंग मशीनों के जरिए जमीन में पानी के बोर किए जा रहे थे और इसके लिए दिखाई जा रही अनुमति फर्जी बताई जा रही थी।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अवैध बोरिंग को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं।
दस्तावेज सामने आने के बाद जांच की मांग तेज
अब जब कथित बोरिंग परमिशन की कॉपी सामने आई है, तो इलाके के लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि यदि दस्तावेजों की सही तरीके से जांच कराई जाए तो मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि दस्तावेज सामने आने के बाद इस पूरे मामले में जांच की मांग और तेज हो गई है।
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