दक्षिण दिल्ली के नेव सराय स्थित इंदिरा एंक्लेव में खसरा नंबर 476/478, प्लॉट नंबर D/37/5 पर सरकारी भूमि पर कथित अवैध कमर्शियल निर्माण का मामला सामने आया है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायत में कहा गया है कि बिना स्वीकृत नक्शे के बेसमेंट सहित लगभग पाँच मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया जा रहा है। आरोप है कि यह निर्माण सार्वजनिक/सरकारी भूमि पर किया जा रहा है, जिससे राजस्व अभिलेखों और शहरी नियोजन नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
मामले में Delhi Jal Board के एक असिस्टेंट इंजीनियर आलोक कुमार मोबाईल नो 9643351694 का नाम सामने आया है। शिकायत में दावा किया गया है कि वे लंबे समय से छतरपुर वार्ड/साकेत क्षेत्र में पदस्थ रहे हैं और उनके विरुद्ध पूर्व में भी विजिलेंस जांच लंबित होने की बातें कही जाती रही हैं। यह भी आरोप है कि बार-बार तबादले के बावजूद उनकी पुनः उसी क्षेत्र में तैनाती होती रही है और जो ये पैसे रिश्वत लेते है उनसे ये अवेध बिल्डिंग बनाई है तथा यह बेनामी संपति है जो दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार करके ब्लैक मनी से बेनामी संपत्ति बनाई है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कथित रूप से अवैध रूप से अर्जित धन के माध्यम से यह निर्माण कराया जा रहा है और इसे बेनामी संपत्ति के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मामले को गंभीर बताते हुए शिकायत में Central Bureau of Investigation से निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित भूमि के राजस्व रिकॉर्ड की जांच करने तथा अवैध निर्माण को तत्काल रोकने की मांग की गई है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और एजेंसियां इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करती हैं।








