नई दिल्ली/लखनऊ: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
रेखा गुप्ता ने विपक्ष पर लगाया लोगों को गुमराह करने का आरोप
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने SIR और चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ऐसे मुद्दे उठा रहा है जिनका कोई आधार नहीं है और इसका उद्देश्य लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाना है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष ऐसी परिस्थितियां पैदा करने की कोशिश कर रहा है, जिससे जनता का ध्यान विकास कार्यों और विपक्ष की कथित नाकामियों से हटकर उन्हीं परिस्थितियों पर केंद्रित हो जाए, जिन्हें विपक्ष ने खड़ा किया है।
मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगाए जा रहे आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, जबकि आयोग में फैसले सर्वसम्मति से लिए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर विपक्ष के सवाल
SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर पर्याप्त स्पष्टता होनी चाहिए।
वहीं, सरकार और BJP की ओर से विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया जा रहा है। इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची में दावे-आपत्तियों का चरण महत्वपूर्ण बना हुआ है।
लखनऊ में योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रविवार को लखनऊ में प्रेस वार्ता के दौरान SIR को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और RJD समेत विपक्षी दलों की बयानबाजी पर सवाल उठाए।
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल अपने राजनीतिक हितों के लिए संवैधानिक संस्थाओं को लेकर ऐसे सवाल खड़े कर रहे हैं, जिनसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया पहले भी इसी तरह का रहा है और ऐसी राजनीति से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
योगी बोले- संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों के मौजूदा बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनके कामकाज को लेकर उठाए गए सवालों का असर व्यापक हो सकता है।
उन्होंने विपक्ष पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप भी लगाया।
SIR पर आगे भी जारी रह सकता है राजनीतिक घमासान
SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ विपक्ष मतदाता सूची की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं BJP और उसके नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया संस्थागत नियमों के अनुसार चल रही है।
इस विवाद के बीच मतदाताओं के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया भी अहम है। SIR से जुड़े मामलों में अंतिम निर्णय निर्धारित कानूनी और चुनावी प्रक्रिया के तहत लिया जाना है।








