जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों की रांची में गैरमौजूदगी पर उठे सवाल; सोशल मीडिया पर जुबानी जंग तेज
झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र विधानसभा घेराव की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और CJP के बीच तीखी जुबानी जंग छेड़ दी है।
सौरव दास ने सोशल मीडिया पर रांची के छात्र मार्च का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि छात्र अहंकारी शासक वर्ग का सफाया कर देंगे और असली भारत का निर्माण करेंगे। वीडियो में बड़ी संख्या में छात्र मार्च करते दिख रहे हैं और उनके आगे पुलिस की गाड़ी चलती नजर आ रही है।
बीजेपी का पलटवार और मुख्य विवाद
शहजाद पूनावाला का तीखा तंज: बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने सौरव दास के पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए तंज कसा और पूछा— “क्या तुम GK1 (ग्रेटर कैलाश 1, दिल्ली) से बैठकर उन्हें सपोर्ट कर रहे हो?”
पाखंडी होने का आरोप: पूनावाला ने CJP नेताओं को सुविधा-संपन्न और दोमुंहा बताते हुए उनकी मंशा पर सवाल उठाए।
रांची से बड़े नेताओं की दूरी: बीजेपी का मुख्य निशाना इस बात पर रहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले CJP के प्रमुख नेता रांची की सड़कों पर ज़मीनी स्तर पर छात्रों के साथ मौजूद नहीं दिखे।
AISA नेता की मौजूदगी: हालांकि, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की छात्र नेता नेहा बोरा के रांची प्रदर्शन में शामिल होने की खबर सामने आई है, लेकिन CJP के शीर्ष चेहरों की अनुपस्थिति पर सोशल मीडिया पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
रांची में छात्रों की परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब केवल छात्रों का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि दिल्ली से लेकर झारखंड तक बीजेपी और विपक्षी दलों के बीच एक नया राजनीतिक केंद्र बन चुका है।








