लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सैन्य अभियान उन निर्दोष नागरिकों और बहादुर सैनिकों की शहादत का बदला था, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने बताया कि भारत ने यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की, न कि किसी उकसावे या विस्तारवादी मंशा से।
शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री ने संसद में कहा:
“मैं उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।”
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हमारी सेना हर चुनौती का डटकर सामना कर रही है।
पहलगाम में कायराना आतंकी हमला बना कारण
रक्षा मंत्री ने बताया कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला बेहद कायराना था, जिसमें निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया, खासकर महिलाओं को। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर की योजना बनाई गई, जिसमें हर पहलू पर बारीकी से विचार किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर: सटीक और तेज हमला
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की मुख्य बातें साझा कीं:
इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी, ट्रेनर, हैंडलर और सहयोगी मारे गए।
सेना ने 9 बड़े आतंकी ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाया।
ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों से जुड़े थे।
पूरा ऑपरेशन सिर्फ 22 मिनट में समाप्त कर लिया गया।
उन्होंने साफ कहा कि ऑपरेशन को किसी भी दबाव में रोका नहीं गया।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई और भारत की तैयारी
राजनाथ सिंह ने बताया कि 10 मई को रात 1:30 बजे पाकिस्तान ने मिसाइलों, ड्रोन, रॉकेट और अन्य हथियारों से भारत पर बड़ा हमला किया, लेकिन भारत ने हर हमले को प्रभावी तरीके से नाकाम किया।
“हमारी रक्षा प्रणालियां जैसे S-400, आकाश मिसाइल सिस्टम और वायु रक्षा बंदूकें बेहद कारगर साबित हुईं और पाकिस्तान के हमले को पूरी तरह विफल किया गया।”
हमारी कार्रवाई: आत्मरक्षा में, न कि उकसावे में
रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की कार्रवाई ना तो उकसावे वाली थी और ना ही विस्तारवादी नीति का हिस्सा। यह पूरी तरह से आत्मरक्षा और देशवासियों की सुरक्षा के लिए की गई कार्रवाई थी।


