पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के पोते और भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के राजनीतिक बयानों और विदेश दौरों पर सवाल उठाते हुए उनके कार्यों को राष्ट्र-विरोधी करार दिया। सुभाष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान भारतीय संवैधानिक संस्थाओं, चुनाव आयोग और न्यायपालिका को निशाना बनाते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
राहुल गांधी के विदेश दौरों पर क्या बोले एनवी सुभाष?
एनवी सुभाष ने कहा कि राहुल गांधी को केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें ऐसा करते समय संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत की राजनीतिक व्यवस्था और संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। सुभाष के मुताबिक, विपक्ष के एक जिम्मेदार नेता को देश के भीतर रहकर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ संवाद करना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी की लगातार विदेश यात्राओं पर भी निशाना साधा। सुभाष ने आरोप लगाया कि विदेश से लौटने के बाद राहुल गांधी ऐसे बयान देते हैं, जिनसे समाज के कुछ वर्गों की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के बयानों और राजनीतिक गतिविधियों का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एक खास राजनीतिक माहौल तैयार करना है।
चुनाव आयोग और ईवीएम को लेकर भी साधा निशाना
एनवी सुभाष ने राहुल गांधी पर चुनावी प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर सवाल उठाने के लिए भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता आगामी विधानसभा चुनावों में संभावित हार के लिए पहले से ही आधार तैयार कर रहे हैं। सुभाष का दावा है कि चुनाव परिणामों के बाद हार का ठीकरा चुनावी प्रक्रिया और ईवीएम पर फोड़ा जा सकता है।
उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे उठाने का आरोप भी लगाया। सुभाष ने कहा कि कांग्रेस नेता को अपनी राजनीतिक रणनीति पर दोबारा विचार करना चाहिए और विपक्ष के नेता के रूप में जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।
जिम्मेदार विपक्षी नेता की तरह व्यवहार करने की सलाह
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी से अपील की कि वे कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेताओं की तरह विपक्ष की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि देश में विपक्ष की भूमिका लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन विपक्षी नेताओं को अपने बयानों और गतिविधियों में जिम्मेदारी बरतनी चाहिए। सुभाष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की मौजूदा राजनीतिक शैली से कांग्रेस को नुकसान हो रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और भाजपा के बीच चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक टकराव जारी है। एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्षी रैली को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी हो रही है।
हालांकि, राहुल गांधी के खिलाफ एनवी सुभाष द्वारा लगाए गए राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से जुड़े आरोप उनके राजनीतिक दावे हैं। इन बयानों के जरिए भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक संघर्ष एक बार फिर चर्चा में आ गया








