चुनाव आयोग के हलफनामे पर जयराम रमेश के छह सवाल, फॉर्म-6 से लेकर SIR तक उठाए मुद्दे

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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग की ओर से दाखिल हलफनामे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हलफनामे को भ्रामक बताते हुए मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 में बदलाव, चुनाव आयुक्तों के बीच निर्णय प्रक्रिया, ईसीआईनेट और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर आपत्ति जताई है।

 

जयराम रमेश ने छह मुद्दों के जरिए चुनाव आयोग के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि फॉर्म-6 से जुड़े मामले में आयोग के रुख में बदलाव दिखाई देता है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र अनिवार्य किए जाने से फॉर्म-6 में बदलाव होने जैसी स्थिति बनी, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि वैधानिक फॉर्म में कोई संशोधन नहीं किया गया था और घोषणा-पत्र अलग दस्तावेज है।

 

उन्होंने एसआईआर से जुड़े फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए। जयराम रमेश के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के फैसलों पर अन्य दो निर्वाचन आयुक्तों की असहमति और उन्हें फैसलों की जानकारी मिलने में देरी से संबंधित मुद्दों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने आयोग की निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर भी चिंता जताई।

 

कांग्रेस महासचिव ने ईसीआईनेट के इस्तेमाल पर आरोप लगाया कि इसके जरिए मतदाता सूची से जुड़े कामकाज का केंद्रीकरण किया गया और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा, उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग और मतदाता सूची से नाम हटाने में अनियमितताओं के आरोप भी उठाए।

 

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में इन आरोपों का विरोध किया है। आयोग का कहना है कि एसआईआर से संबंधित तीनों प्रमुख आदेश सर्वसम्मति से लिए गए थे और फॉर्म-6 में कोई वैधानिक संशोधन नहीं किया गया। आयोग ने ईसीआईनेट के संबंध में यह भी कहा है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने का अधिकार संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के पास है।

 

अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण और याचिकाकर्ताओं की आपत्तियां अहम रहेंगी। विवाद का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, मतदाता पंजीकरण की व्यवस्था और एसआईआर के दौरान अपनाई गई प्रक्रियाओं को लेकर उठे सवाल हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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