उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच सीमा पर सैन्य गतिविधियों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी बीच उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अग्रिम मोर्चे का दौरा कर सीमा पर चल रहे सैन्य निर्माण कार्यों और सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने दक्षिण कोरिया को चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा पर उत्तर कोरिया की तैयारियों को निशाना बनाने वाली किसी भी कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, किम यो जोंग ने मंगलवार को सेना के वरिष्ठ अधिकारी पाक जोंग चोन के साथ दक्षिण कोरिया की सीमा से लगे इलाकों का दौरा किया। यहां उत्तर कोरियाई सेना सीमा को मजबूत करने के लिए बाड़, अवरोधक और अन्य सुरक्षा इंतजाम कर रही है। किम यो जोंग ने इन प्रयासों को देश के नेतृत्व की नीति का अहम हिस्सा बताया और सैनिकों को सीमा की सुरक्षा मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया।
सीमा पर लाउडस्पीकर और हथियार तैनात करने की तैयारी
किम यो जोंग ने इससे पहले दक्षिण कोरिया पर सीमा के पास उत्तर कोरियाई सैनिकों के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दक्षिण कोरिया की ओर से ऐसी गतिविधियां जारी रहती हैं, तो उत्तर कोरिया जवाबी कदम उठा सकता है। उत्तर कोरिया ने सीमा पर प्रचार के लिए लाउडस्पीकर दोबारा चालू करने और अतिरिक्त सामरिक हथियार तैनात करने की भी घोषणा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया की योजना अक्टूबर के अंत तक पूरी सीमा पर दक्षिण कोरिया विरोधी प्रचार प्रसारण शुरू करने की है।
बारूदी सुरंगों के विस्फोट के बाद बढ़ा विवाद
दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की एक प्रमुख वजह 21 सितंबर को सीमा के पास हुए बारूदी सुरंगों के विस्फोट हैं। इन घटनाओं में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे। दक्षिण कोरिया और संयुक्त राष्ट्र कमान ने इन विस्फोटों के लिए उत्तर कोरिया की ओर से बिछाई गई बारूदी सुरंगों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, उत्तर कोरिया ने अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया है और दक्षिण कोरिया पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है।
दक्षिण कोरिया ने भी उत्तर कोरिया की धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वहां के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उत्तर कोरिया की ओर से किसी भी नई उकसावे वाली कार्रवाई का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। दक्षिण कोरिया का कहना है कि सीमा पर चेतावनी देने के लिए लाउडस्पीकर और चेतावनी गोलियों का इस्तेमाल रक्षात्मक कदमों के तहत किया गया है।
दोनों देशों के बीच सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सैन्य गतिविधियों को लेकर बढ़ता टकराव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल दोनों पक्ष एक-दूसरे पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सीमा पर सैन्य सतर्कता बढ़ाई जा रही है








