नई दिल्ली:
दक्षिण दिल्ली के थाना फतेहपुर बेरी क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अवैध ट्यूबवेल बोरिंग का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि थाना फतेहपुर बेरी हवलदार राकेश बेल्ट नंबर 612 बीट हवलदार थाना फतेहपुर बेरी की पुलिस और साउथ तहसील साकेत के अंतर्गत BDO भनोट साउथ दिल्ली कार्यालय से जुड़े अधिकारियों की मिलीभगत से 25 लाख रुपये की रिश्वत लेकर फर्जी परमिशन जारी की गई।

शिकायत के अनुसार यह अवैध बोरिंग मुस्लिम नंबर 8, किला नंबर 2, जोनापुर, तहसील साकेत, फॉर्म नंबर-2, 9th एवेन्यू राधे मोहन ड्राइव जौनापुर स्थित फार्म हाउस में कराई जा रही है। यहां डीजल से चलने वाली बिना नंबर की जुगाड़ बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो न तो दिल्ली जल बोर्ड में रजिस्टर्ड हैं और न ही किसी वैध अनुमति के अंतर्गत आती हैं। और नीचे की कोई नंबर प्लेट इंजन नंबर है
बताया जा रहा है कि यह बोरिंग कमर्शियल उद्देश्य से कराई जा रही है, जिसमें कोठी-बंगला और स्विमिंग पूल के लिए भू-जल का दोहन किया जा रहा है। जबकि NGT ने दिल्ली में ट्यूबवेल बोरिंग पर सख्त रोक लगा रखी है।
🚨 पुलिस पर भी गंभीर आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि राकेश नामक बीट पुलिसकर्मी (थाना फतेहपुर बेरी) स्वयं इस अवैध बोरिंग को संरक्षण दे रहा है। इस मामले को लेकर डायल 112 पर शिकायत भी दर्ज कराई गई, इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
⚖️ कार्रवाई की मांग
- शिकायतकर्ता ने NGT से मांग की है कि:
- बिना नंबर की जुगाड़ बोरिंग मशीनों डीजल से चलने वाली को तत्काल जब्त किया जाए
- जल माफिया और फार्म हाउस मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो
- दोषी पुलिसकर्मियों व अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई व भारी जुर्माना लगाया जाए
- यह मामला न केवल पर्यावरण संरक्षण कानूनों की अनदेखी को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार और जल माफिया के बढ़ते हौसलों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।








