सार्वजनिक परिवहन को सुलभ बनाने की दिशा में तीनों अथॉरिटी का बड़ा कदम
गौतमबुद्ध नगर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी) के निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। तीनों विकास प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग मिलकर जिले में संचालित ई-सिटी (e-City) बस सेवा को और अधिक व्यावहारिक, किफायती और प्रभावी बनाने जा रहे हैं। योजना के तहत जल्द ही ई-सिटी बसों का न्यूनतम किराया घटाकर मात्र ₹10 किया जा सकता है, जिससे दैनिक यात्रियों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी और लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
ऑनलाइन ट्रैकिंग और डेटा के आधार पर बदलेंगे बस रूट
वर्तमान में जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या कम है या बसें खाली चल रही हैं, उनकी समीक्षा के लिए विशेष ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है:
लाइव ट्रैकिंग व डेटा शेयरिंग: परिवहन विभाग हर ई-सिटी बस की लाइव ट्रैकिंग करेगा और सवारियों का डेटा तीनों प्राधिकरणों के साथ साझा करेगा।
जरूरत के हिसाब से रूट री-मैपिंग: जिस रूट पर यात्रियों का दबाव ज्यादा होगा, वहां अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी और कम मांग वाले रूटों को बदलकर नए रिहायशी या व्यावसायिक इलाकों से जोड़ा जाएगा।
वर्तमान में संचालित बस सेवा का ब्योरा
बीते 12 जून से शुरू हुई इस पर्यावरण-अनुकूल पहल के तहत फिलहाल बेड़े में 100 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं, जो कुल 19 तय रूटों पर सेवा दे रही हैं:
| क्षेत्र / अथॉरिटी | आवंटित ई-बसों की संख्या |
| नोएडा (Noida) | 50 बसें |
| ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) | 25 बसें |
| यमुना अथॉरिटी (YEIDA) | 25 बसें |
गांवों और कस्बों को जोड़ने की भविष्य की योजना:
यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों के अनुसार, जेवर और आसपास के ग्रामीण इलाकों को इस बस सेवा से जोड़ने का काफी सकारात्मक परिणाम मिला है। वहीं ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि आगामी चरण में ई-बसों की संख्या बढ़ाकर सेक्टरों के साथ-साथ आसपास के प्रमुख कस्बों और औद्योगिक क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।
यदि किराए में कटौती और रूट पुनर्गठन का यह प्रस्ताव लागू होता है, तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रोज़ाना सफर करने वाले हज़ारों यात्रियों की जेब का बोझ काफी कम हो जाएगा।








