नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद की पार्टी में दोबारा वापसी और उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर मीडिया में चल रही खबरों पर सफाई दी है। मायावती ने कहा कि आकाश आनंद की वापसी को लेकर मीडिया में जिस तरह से घटनाक्रम पेश किया जा रहा है, उससे पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं होती।
मायावती के अनुसार, आकाश आनंद शादी से पहले से ही बसपा में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। उस समय पार्टी को उनके खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं मिली थी, इसलिए उन्हें संगठन से अलग करने का कोई सवाल नहीं था।
मायावती ने आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक संबंध बनने के बाद कुछ ऐसी परिस्थितियां सामने आईं, जिनके चलते आकाश आनंद के राजनीतिक आचरण में सुधार के लिए संगठनात्मक स्तर पर कई फैसले लेने पड़े।
कई बार पार्टी से अलग किए गए आकाश आनंद
मायावती के मुताबिक, जब आकाश आनंद को अपनी गलतियों का एहसास हुआ तो उन्हें दोबारा संगठन में जिम्मेदारी दी गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, आकाश आनंद को मई 2024 और मार्च 2025 में पार्टी से बाहर किए जाने के बाद दोबारा शामिल किया गया था। सितंबर 2026 में उन्हें एक बार फिर पार्टी से अलग किया गया।
अब 5 अक्टूबर 2026 को मायावती ने आकाश आनंद की दोबारा पार्टी में वापसी का ऐलान करते हुए उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी सौंप दी है।
मायावती को आकाश आनंद से क्या उम्मीद?
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से अलग होने के बाद अब ऐसी परिस्थितियां नहीं बननी चाहिए, जिनकी वजह से आकाश आनंद को दोबारा संगठन से बाहर करने की जरूरत पड़े।
बसपा प्रमुख ने उम्मीद जताई कि आकाश आनंद आगे पार्टी के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे और राजनीतिक रूप से आगे बढ़ेंगे। आकाश आनंद की वापसी को बसपा के संगठनात्मक और राजनीतिक भविष्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








