पहाड़ों पर उमड़ी सैलानियों की भारी भीड़: लॉन्ग वीकेंड के चलते नैनीताल से शिमला तक लगे लंबे जाम, बिना तैयारी यात्रा बन सकती है मुसीबत

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छुट्टियों का मौका मिलते ही पहाड़ों की ओर घूमने निकलना भले ही एक खूबसूरत अनुभव हो, लेकिन मौजूदा हालात यह बता रहे हैं कि बिना पूरी तैयारी के किया गया सफर परेशानी का सबब बन सकता है। गांधी जयंती के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टियां आपस में जुड़ने से नैनीताल, शिमला, बद्रीनाथ और मनाली जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति यह हो गई कि कई जगहों पर होटल और पार्किंग पूरी तरह भर गए, जबकि सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग जाने से पर्यटकों का सफर बेहद मुश्किल हो गया। ऐसे हालातों से निपटने के लिए पहाड़ों की यात्रा पर निकलने से पहले कपड़ों के साथ-साथ कुछ जरूरी सामान साथ रखना बेहद समझदारी का कदम साबित हो सकता है।

ट्रैफिक जाम में फंसने पर क्या चीजें आएंगी काम?

पहाड़ी इलाकों में अचानक लंबा ट्रैफिक जाम लग जाने की स्थिति में सबसे बड़ी समस्या खाने-पीने की चीजों को लेकर खड़ी हो जाती है। इसलिए यात्रा पर निकलते समय अपने साथ पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी और कुछ हल्के व लंबे समय तक फ्रेश रहने वाले स्नैक्स जरूर रखें। इसके अलावा अपनी जरूरत की दवाइयां, व्यक्तिगत इस्तेमाल की चीजें और एक छोटा फर्स्ट-एक्ट किट (First Aid Pack) हमेशा साथ रखें। सफर के दौरान मोबाइल की बैटरी खत्म होने से बचाने के लिए एक अच्छा पावर बैंक रखना भी बेहद उपयोगी साबित हो सकता है, ताकि जरूरत पड़ने पर संपर्क बना रहे।

नैनीताल में कमरे के लिए रातभर भटकते रहे पर्यटक

लॉन्ग वीकेंड के दौरान अकेले नैनीताल में करीब 12 हजार पर्यटकों की आमद ने शहर की पूरी व्यवस्था पर भारी दबाव बढ़ा दिया। भवाली, कैंची धाम, गरमपानी और खैरना की तरफ जाने वाले मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। स्थिति यह थी कि शहर के होटल, होमस्टे और गेस्ट हाउस पूरी तरह पैक हो चुके थे। रात के करीब एक बजे तक कई पर्यटक अपना सामान लेकर कमरों की तलाश में भटकते नजर आए। ठहरने के लिए एक भी कमरा न मिलने के कारण कई सैलानियों को अपनी रात मजबूरन बस स्टेशन पर गुजारनी पड़ी।

शिमला से बद्रीनाथ तक सड़कों पर थमा वाहनों का पहिया

उत्तराखंड और हिमाचल के अन्य हिल स्टेशनों का भी कमोबेश यही हाल रहा। शिमला में तारादेवी से लेकर शहर के भीतर तक वाहनों का भारी दबाव देखा गया, जहाँ महज तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को एक घंटे तक का समय लग गया। पिछले 24 घंटों में 17 हजार से ज्यादा वाहन शहर में दाखिल हुए, जिनमें 7 हजार से अधिक पर्यटक वाहन शामिल थे। उधर, बद्रीनाथ मार्ग पर जोशीमठ से विष्णुप्रयाग के बीच 7 से 9 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लगा रहा, जिससे आधे घंटे का सफर दो से तीन घंटे में तय हुआ। कालका-शिमला हाईवे और मनाली में भी भारी ट्रैफिक के कारण रफ्तार थम गई। इसलिए पहाड़ों की यात्रा पर निकलने से पहले होटल की बुकिंग एडवांस में कर लें, पानी-दवाइयां साथ रखें और जाम के दौरान धैर्य बनाए रखें।

Kinni Times
Author: Kinni Times