India-US Relations: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीन दिवसीय भारत यात्रा पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई पहुंचे। इस दौरे में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। रुबियो की विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसके अलावा वह गुजरात के जामनगर भी जाएंगे, जहां ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम उनके एजेंडे का हिस्सा हैं।
मुंबई में जयशंकर से होगी अहम मुलाकात
मार्को रुबियो की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। हाल के दिनों में इस समझौते को लेकर प्रगति के संकेत मिले हैं, लेकिन टैरिफ और रूस से भारत के कच्चे तेल के आयात जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद भी बने हुए हैं।
मुंबई में रुबियो और एस. जयशंकर की बैठक के दौरान व्यापार, निवेश, ऊर्जा, रक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही दोनों नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी विचार साझा कर सकते हैं।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के आर्थिक प्रभाव भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसे में यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के मौजूदा आर्थिक और रणनीतिक पहलुओं को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
26/11 हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देंगे रुबियो
भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मुंबई में 26/11 आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए ताज स्मारक भी जाएंगे। मुंबई आतंकी हमले में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इस दौरे के जरिए आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और पीड़ितों के प्रति सम्मान का संदेश भी सामने आ सकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर रहेंगी निगाहें
रुबियो की यात्रा के प्रमुख मुद्दों में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता शामिल है। दोनों देश व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, टैरिफ से जुड़े मतभेद और कुछ व्यापारिक नीतियां अब भी चुनौती बनी हुई हैं।
ऊर्जा व्यापार भी दोनों देशों के लिए अहम विषय है। रूस से भारत के कच्चे तेल के आयात को लेकर पहले अमेरिका की ओर से अतिरिक्त शुल्क लगाने की संभावना पर चर्चा हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में रूसी तेल के प्रमुख आयातकों को निशाना बनाने वाले संभावित शुल्कों से जुड़ा कदम वापस लिया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में तनाव का एक मुद्दा कम हुआ।
जामनगर में रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा
मुंबई में कार्यक्रमों के बाद मार्को रुबियो के गुजरात के जामनगर जाने का कार्यक्रम है। वहां वह रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा संचालित बड़े तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा करेंगे। इस दौरान ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और व्यावसायिक संबंधों से जुड़े पहलुओं पर ध्यान रहने की संभावना है।
भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक तेल बाजार की स्थिति को देखते हुए यह दौरा खास महत्व रखता है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा और निवेश से जुड़े सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा हो सकती है।
पहले भी भारत आ चुके हैं अमेरिकी विदेश मंत्री
मार्को रुबियो इससे पहले मई में भी भारत आए थे। उस यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी। उन्होंने क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लिया था।
उनकी मौजूदा यात्रा 20 से 22 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। इस दौरान होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों से यह संकेत मिल सकता है कि भारत और अमेरिका व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग को किस दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं।
कुल मिलाकर, मार्को रुबियो का यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अहम माना जा रहा है। व्यापार समझौते, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय परिस्थितियों पर होने वाली बातचीत पर दोनों देशों की नजर रहेगी।








