नई दिल्ली: पंजाबी गायक गुरु रंधावा के जिम के बाहर हुई फायरिंग के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के करीब 14 दिन बाद स्पेशल सेल की सीआईयू (CIU) टीम ने मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हकीकत और सागर के रूप में हुई है। दोनों 11 जून को पश्चिम विहार स्थित जिम के बाहर हुई गोलीबारी के बाद से फरार चल रहे थे।
गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल ने पश्चिमी दिल्ली में आरोपियों को घेरने की कोशिश की। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं।
पहले भी हो चुकी है दो आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में पहले ही दो अन्य आरोपियों अरमान (19) और तुषार उर्फ ताशु उर्फ पिंकू (21) को गिरफ्तार किया था। दोनों हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं और उन्हें बहादुरगढ़ से पकड़ा गया था।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी गैंगस्टर अनिल पंडित के संपर्क में थे, जिसे लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य माना जाता है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि फायरिंग के पीछे असली मकसद क्या था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी थी चर्चा
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पोस्ट में फायरिंग को गुरु रंधावा और अभिनेता सलमान खान की कथित नजदीकियों से जोड़ने की बात कही गई थी। हालांकि, पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका और घटना के पीछे की साजिश का पता लगाने के लिए कार्रवाई जारी है।








