नई दिल्ली: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्र आवास और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए 18 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी के गठन को मंजूरी दे दी है। कमेटी की अध्यक्षता दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद करेंगे।
इस कमेटी का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में छात्रों के लिए उपलब्ध हॉस्टल और उनकी वास्तविक जरूरत के बीच अंतर का आकलन करना है। इसके साथ ही छात्रों के लिए नए हॉस्टल विकसित करने और मौजूदा सुविधाओं का विस्तार करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
सरकारी इमारतों को छात्र आवास में बदलने पर विचार
कमेटी खाली या कम इस्तेमाल हो रही डीडीए की आवासीय संपत्तियों और अन्य उपयुक्त सरकारी जमीन एवं इमारतों को छात्र आवास के तौर पर इस्तेमाल करने की व्यवहारिकता की जांच करेगी। संबंधित नियमों के तहत इन संपत्तियों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने की जिम्मेदारी भी कमेटी को दी गई है।
इसके अलावा विश्वविद्यालयों, एमसीडी, डीडीए और अन्य सरकारी एजेंसियों के माध्यम से नए हॉस्टल बनाने या मौजूदा हॉस्टल व्यवस्था को बढ़ाने के विकल्पों पर भी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
असुरक्षित PG और ओवरक्राउडिंग पर होगी निगरानी
छात्रों को असुरक्षित पीजी, ओवरक्राउडिंग, आग के खतरे और दूसरी गंभीर सुरक्षा समस्याओं की शिकायत के लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए केंद्रीय डिजिटल निगरानी व्यवस्था बनाने का सुझाव भी कमेटी देगी।
प्रस्तावित व्यवस्था के जरिए छात्र असुरक्षित भवन या दूसरी सुरक्षा संबंधी समस्या की जानकारी दे सकेंगे। शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी तंत्र विकसित करने पर भी विचार किया जाएगा।
छात्र आवास का केंद्रीय डेटाबेस बनाने का प्रस्ताव
कमेटी दिल्ली में छात्र आवास की केंद्रीय जानकारी का डेटाबेस तैयार करने का सुझाव भी देगी। इसमें संस्थागत हॉस्टल और नियमों के तहत पंजीकृत पीजी को शामिल किया जा सकता है। इससे छात्रों को सुरक्षित आवास की उपलब्धता और उससे जुड़ी जानकारी एक जगह मिल सकेगी।
कई प्रमुख एजेंसियां कमेटी में शामिल
7 सितंबर को सत्य निकेतन हादसे के बाद हुई बैठक में एलजी ने शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत बृहस्पतिवार को हाई-पावर कमेटी का गठन किया गया।
कमेटी में दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए, दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
इस पहल का उद्देश्य छात्र आवास से जुड़े अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में समन्वित एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।








