दिल्ली हाई कोर्ट में बीजेपी नेता और अधिवक्ता गौरव भाटिया की ओर से दायर मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान CJP नेताओं ने विवादित पोस्ट हटाने पर सहमति जताई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने कोर्ट में कहा कि वे गौरव भाटिया के खिलाफ किए गए कथित फर्जी कोट्स वाले पोस्ट X से हटा देंगे। कोर्ट ने दोनों को विवादित पोस्ट हटाने पर विचार करने की मौखिक सलाह दी थी।
मामला गौरव भाटिया की ओर से दायर दो करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सौरव दास और आशुतोष रांका को मौखिक रूप से सुझाव दिया कि वे खुद ही विवादित पोस्ट हटाने पर विचार करें। इसके बाद दोनों की ओर से इस पर सहमति जताई गई।
रीपोस्ट किया गया पोस्ट भी हटाने की बात
सुनवाई के दौरान आशुतोष रांका के वकील ने कोर्ट को बताया कि जिस विवादित ट्वीट को लेकर मामला सामने आया था, उसे पहले ही हटा दिया गया है। हालांकि, रीपोस्ट किए गए पोस्ट को लेकर उन्होंने कहा कि उसे भी आज हटाया जाएगा।
मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने की चर्चा
सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने मौखिक रूप से यह भी पूछा कि क्या दोनों पक्षों के बीच विवाद को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की संभावना है। हालांकि, गौरव भाटिया की ओर से कहा गया कि वे हर्जाने की मांग पर जोर देना चाहते हैं।
भाटिया की ओर से यह भी कहा गया कि सुनवाई के बाद भी विवादित पोस्ट किए गए। ऐसे में मामला सिर्फ पोस्ट हटाने तक सीमित नहीं है और मानहानि के दावे पर भी सुनवाई होनी है।
2 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा
गौरव भाटिया ने 8 सितंबर को बताया था कि उन्होंने CJP नेताओं के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दो करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दाखिल किया है। उन्होंने कहा था कि जब आरोप अपनी सीमा लांघते हैं, तब कानून अपनी लकीर खींचता है।
5 सितंबर को X पर शुरू हुआ था विवाद
गौरव भाटिया और CJP नेताओं के बीच विवाद की शुरुआत 5 सितंबर को X पर हुई थी। CJP नेताओं की ओर से किए गए एक पोस्ट में गौरव भाटिया के हवाले से स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर कथित टिप्पणी लिखी गई थी।
भाटिया ने इस पोस्ट को लेकर आपत्ति जताते हुए इसे हटाने की चेतावनी दी थी और माफी की मांग की थी। इसके बाद CJP नेताओं ने पोस्ट हटा दिए, लेकिन माफी नहीं मांगी। इसी के बाद गौरव भाटिया ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया और मानहानि का मुकदमा दाखिल किया।
अब कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद विवादित पोस्ट हटाने पर सहमति बन गई है। हालांकि, दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग को लेकर मामले में आगे क्या होता है, यह आने वाली कानूनी कार्यवाही से स्पष्ट होगा।








