संसद में जारी गतिरोध को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने मोर्चा संभालते हुए राहुल गांधी के बयानों और राजनीतिक रवैये पर कड़ा प्रहार किया. जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी लगातार अपने मुद्दे और मांगें बदल रहे हैं, जिससे साफ होता है कि उनका मकसद किसी भी विषय पर सार्थक बातचीत करना नहीं, बल्कि संसद में हंगामा खड़ा कर अराजकता का माहौल बनाना है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से विपक्ष के अड़ियल रवैये के कारण संसद का कामकाज लगातार बाधित हो रहा है.
राहुल गांधी सदन को चलने देना ही नहीं चाहते.
नड्डा ने पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताते हुए कहा कि सत्र की शुरुआत में विपक्ष ने नीट (NEET) परीक्षा पर चर्चा की मांग की थी. जब सरकार इस पर बहस के लिए सहमत हुई, तो विपक्ष ने अपनी मांग बदलते हुए राम मंदिर ट्रस्ट का मुद्दा उठा दिया. इसके बाद जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर विवाद खड़ा किया गया और गृह मंत्री से बयान की मांग की जाने लगी. नड्डा के अनुसार, रोज-रोज नए मुद्दे गढ़ना और मांगें बदलना यह साबित करता है कि राहुल गांधी सदन को चलने देना ही नहीं चाहते.
सकारात्मक चर्चा में शामिल होना चाहिए
सफाई देते हुए जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार हमेशा से संसद में हर संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस के लिए तैयार रही है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी सवालों का सिलसिलेवार और तथ्यपरक जवाब देने के लिए पूरी तरह राजी हैं. इसके बावजूद राहुल गांधी और विपक्षी दल चर्चा का सामना करने के बजाय सदन से भाग रहे हैं. नड्डा ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य हैं, तो उन्हें भागने के बजाय सदन के भीतर आकर सरकार के साथ सकारात्मक चर्चा में शामिल होना चाहिए.








